24 अगस्त 1992 को होमगार्ड्स में स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए बंजार के रहने वाले रजनीश कटोच ने बेसिक, एडवांस, फायर कोर्स में ग्रेड-ए और लीडरशिप कोर्स सहित अनेक प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। रजनीश को स्वतंत्रता दिवस एवं गणतंत्र दिवस परेड में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र मिल चुके हैं।
चघाह नाला (मणिकर्ण घाटी) में बादल फटने से हुई आपदा के दौरान और हिमरी पास (कलीचांग ढांक) में बचाव कार्यों में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इसके साथ रजनीश ने सामुदायिक आधारित आपदा जोखिम प्रबंधन परियोजना (सीबीडीआरएम) जैसे कार्यक्रमों में भी सक्रिय भागीदारी की है। रजनीश को वर्ष 2023 में महानिदेशक-सह-कमांडेंट जनरल, होमगार्ड्स एवं सिविल डिफेंस की ओर से डीजी प्रशंसा प्रमाण पत्र से भी सम्मानित किया जा चुका है।
शिमला ग्रामीण की गलोट पंचायत से संबंध रखने वाली आशा देवी 1991 में होमगार्ड्स में स्वयंसेवक के रूप में जुड़ीं और बीते 34 वर्षों से निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं दे रही हैं। राज्य मुख्यालय की प्रशिक्षण शाखा में आशा ने उच्चतम स्तर की व्यावसायिकता, शुद्धता और निष्ठा से सेवाएं दी हैं। संगठनात्मक अभिलेखों के रखरखाव के अलावा बेहतर दस्तावेजीकरण के लिए भी इनकी प्रशंसा की गई है। इसके अलावा वीवीआईपी सुरक्षा, चुनाव ड्यूटी और कानून-व्यवस्था ड्यूटी के लिए होमगार्ड स्वयंसेवकों की तैनाती और समन्वय में भी इन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सीमित संख्या में कर्मियों के बावजूद आशा ने प्रशासनिक जिम्मेदारियों का कुशलता से निर्वहन किया। आशा की सराहनीय सेवाओं और होमगार्ड्स संगठन में अमूल्य योगदान के लिए उन्हें सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया गया है।