शिमला के एसपी संजीव गांधी कहते हैं, "यह नशे की लत की चुनौती के खिलाफ हमारा संकल्प है। नशे की लत एक बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही है। समाज के सभी हितधारकों को इस मुद्दे से निपटने के लिए सोचना और कार्रवाई करनी होगी। हम यह संदेश देना चाहते हैं कि नशा जीवन को समाप्त करने का एक तरीका है। युवाओं को खेल और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। हमारे समाज के सभी महत्वपूर्ण स्तंभ इस मामले को लेकर चिंतित हैं...ऐसे मुद्दों को खत्म करने के लिए लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। मैराथन या ऐसे बड़े आयोजन लोगों के बीच उद्देश्य पैदा करते हैं।"
शिमला के डिप्टी कमिश्नर अनुपम कश्यप कहते हैं, "इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, करीब 3000 लोगों ने। हमें नशे के खिलाफ काम करने की जरूरत है। इस मामले में कार्रवाई की जा रही है। हम स्वस्थ रहकर ही एक अच्छा हिमाचल बना सकते हैं। इसलिए सभी लोगों को कुछ शारीरिक गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। हम इन मामलों (नशे के दुरुपयोग के मामलों) से निपटने के लिए एक विशाल नेटवर्क विकसित कर रहे हैं।"