इस तरह उजागर हुआ ठगी का मामला
इस मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर की थी। इसमें बताया था कि 2024 में मार्च में आरोपी दलीप नेगी चिड़गांव के युवक निशांत के संपर्क में आया। निशांत सरकारी नौकरी की तलाश में था। आरोपी ने निशांत को वन विभाग में नौकरी दिलवाने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने निशांत से पैसे ऐंठने शुरू किए। निशांत का जाली एनसीसी कैडेट्स का प्रमाण पत्र और नियुक्ति पत्र बनवाया और 15 मई को ज्वाइनिंग करने के लिए कहा। एक महीने में आरोपी ने निशांत से 8.63 लाख रुपये ऐंठे जिसके बाद पुलिस ने पीड़ित निशांत के बयान के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।
आरोपी की छठी बार जमानत याचिका खारिज
जिला अदालत ने वन विभाग में नौकरी के नाम पर ठगी के मामले में आरोपी दलीप सिंह नेगी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) ने याचिकाकर्ता दलीप सिंह नेगी, तहसील निचार, जिला किन्नौर निवासी को जमानत पर रिहा करने से इन्कार किया है। न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि आरोप-पत्र दाखिल करने की परिस्थिति बदल गई है इसलिए यह आवेदन खारिज करने योग्य है। बहस के बाद याचिका को खारिज कर दिया गया। आरोपी की जमानत याचिका छठी बार खारिज की है। छह महीने से आरोपी कैथू जेल में न्यायिक हिरासत में है।