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Himachal News: आर व एम कोड से चल रहा था चिट्टे का खेल, शाही महात्मा का मुख्य साथी गिरफ्तार, ऐसे होती थी सप्लाई

Wed, 16 Oct 2024 10:50 PM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश के शिमला में चिट्टे की तस्करी आर और एम कोड से होता थी। पुलिस के मुताबिक शाही महात्मा के इस पूरे नेटवर्क को मांटा और रांटा नाम के दो शख्स चला रहे थे।
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चिट्टा(फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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शिमला जिले में पिछले कई सालों से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहे शाही महात्मा मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि चिट्टे की तस्करी आर और एम कोड से होता था। इससे पता चलता था कि चिट्टे की सप्लाई किस शख्स को होनी है। पुलिस के मुताबिक शाही महात्मा के इस पूरे नेटवर्क को मांटा और रांटा नाम के दो शख्स चला रहे थे। पैकेट में अंकित एम और आर के नाम का कोड यह दर्शाता था कि चिट्टे की सप्लाई रांटा को होनी है या फिर मांटा को।

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पुलिस ने बुधवार को शाही महात्मा के इसी मुख्य साथी हरिंद्र मांटा को शिमला के गिरि पुल से गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस का दावा है कि हरिंद्र मांटा ने सरगना के साथ मिलकर पिछले पांच से छह सालों में 3 से 5 करोड़ रुपये की चिट्टा तस्करी को अंजाम दिया है। वहीं पुलिस इसके दूसरे सहयोगी की तलाश कर रही है। चिट्टे की तस्करी को इस गुपचुप तरीके से अंजाम दिया जा रहा था कि किसी को इसकी भनक नहीं लगती थी। यही वजह है कि यह कारोबार सालों से फलता-फूलता रहा और पुलिस इन्हें पकड़ने में कामयाब नहीं हो पाई, लेकिन जब क्षेत्र में चिट्टे का नशा चारों ओर फैला तो जिला पुलिस सतर्क हुई और उन्होंने इसकी तह तक पहुंचने के लिए जांच शुरू की। कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने कुछ महीने पहले ही शाही महात्मा गिरोह के कुछ सदस्यों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की, लेकिन वह लगातार उनकी गिरफ्त में आने से बच निकलता था।

वहीं रोहड़ू और जुब्बल समेत आसपास के क्षेत्रों में चिट्टे की तस्करी रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। इसके बाद पुलिस ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की मदद ली। दोनों एजेंसियों ने जांच शुरू की तो शाही महात्मा के बारे में पुख्ता सुबूत मिले। 18 सितंबर को पुलिस और एनटीएफ को गुप्त सूचना मिली कि जम्मू-कश्मीर से मुद्दसीर अहमद नाम का शख्स चिट्टे की बड़ी खेप लेकर शिमला आ रहा है। इसी आधार पर पुलिस ने कोटखाई के समीप टैक्सी को रोका और आरोपी की तलाशी ली। इस दौरान आरोपी की तलाशी लेने पर गुप्तांग के पास करीब 468 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इसकी बाजार में कीमत करीब 19 लाख रुपये के करीब थी। मामले की जांच में पता चला कि शाही महात्मा के इशारे पर ही चिट्टे की यह खेप रोहड़ू के लिए भेजी जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने शाही महात्मा उर्फ शशी नेगी को गिरफ्तार किया। इसके बाद इस गिरोह के करीब 26 सदस्यों को पुलिस सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होंगी। पुलिस की इस ताबतोड़ कार्रवाई से उम्मीद है कि आने वाले दिनों में जिले में नशे का यह खेल खत्म होगा और युवा पीढ़ी को इस दलदल में गिरने से बचाया जा सकेगा।

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शाही महात्मा के मुख्य सहयोगी को पुलिस ने गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। अभी तक की जांच में छह से सात करोड़ रुपये की चिट्टा तस्करी के सुबूत मिले हैं। मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी। पुलिस नशा तस्करों को किसी हाल में नहीं बख्शेगी- संजीव कुमार गांधी, पुलिस अधीक्षक, शिमला
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