एसीसी सीमेंट फैक्ट्री से होने वाले प्रदूषण का स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, अब इस पर अध्ययन किया जाएगा। प्रदूषण के दुष्प्रभावों का अध्ययन करने के लिए प्रदेश सरकार ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग को विशेष शोध परियोजना सौंपी है। प्रोजेक्ट के लिए सरकार ने 33 लाख रुपये का बजट भी जारी कर दिया है।
यह प्रोजेक्ट एक साल तक चलेगा, जिसमें एम्स के विशेषज्ञों की टीम उन्नत वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग कर फैक्ट्री से निकलने वाले कार्बन पार्टिकल्स और अन्य हानिकारक तत्वों की जांच करेगी। खासतौर पर अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से इन प्रदूषकों की विस्तृत स्टडी की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वे स्थानीय आबादी के स्वास्थ्य पर क्या असर डाल रहे हैं। शोध का मुख्य उद्देश्य यह जानना है कि प्रदूषण के कारण लोगों को किस तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें श्वसन रोग, फेफड़ों की बीमारियां, हृदय संबंधी समस्याएं और अन्य संभावित स्वास्थ्य प्रभावों का अध्ययन किया जाएगा।