हिमाचल प्रदेश में अब नए दाखिलों के आधार पर कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों का दर्जा घटाया जाएगा। मंत्रिमंडल ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को स्कूलों को डाउन ग्रेड करने का फैसला लेने के लिए अधिकृत कर दिया है। इसी कड़ी में स्कूल निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों के माध्यम से स्कूलों में हुए नए दाखिलों का ब्योरा तलब किया है। 20 बच्चों की संख्या से कम वाले हाई स्कूल और 25 से कम वाले वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा कम किया जाएगा। हाई स्कूलों को मिडल और वरिष्ठ माध्यमिक को हाई स्कूल का दर्जा दिया जाएगा।
विद्यार्थियों की कम संख्या वाले स्कूल और कॉलेजों को डाउन ग्रेड करने का फैसला मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री लेंगे। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को इसके लिए अधिकृत कर दिया गया है। इसी माह मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की बैठक बुलाकर स्कूलों का दर्जा कम करने को मंजूरी दी जाएगी। बीते दिनों सरकार को दी गई रिपोर्ट में 20 विद्यार्थियों की संख्या वाले 65 हाई और 18 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल डाउन ग्रेड करने की सिफारिश की गई थी। इन 83 स्कूलों के नजदीक सटे स्कूलों और वहां पंजीकृत विद्यार्थियों की जानकारी भी साथ में दी गई। शिमला में 40, लाहौल-स्पीति में 22, किन्नौर में 9 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम बताई गई।