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हिमाचल: इस जिले से शुरू होगी सुखी परिवार योजना, गरीब परिवारों को 300 यूनिट निशुल्क बिजली, महिलाओं को 15-15 साै

Sat, 29 Aug 2026 04:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

सरकार अपनी महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना लागू करने जा रही है। इसी योजना के तहत करीब दो लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली व महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर करीब दो लाख परिवारों को अब 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा पात्र परिवारों की पहचान का सर्वेक्षण लगभग पूरा कर लिया गया है। सरकार इस सुविधा को अपनी महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत लागू करने जा रही है। इसी योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी।

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 प्रियंका गांधी कर सकती हैं योजना का शुभारंभ
शनिवार को कांगड़ा जिले के डाडासीबा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष 2 अक्तूबर को सोलन जिले से मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे लगभग 90,000 परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें अब तक किसी भी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। इस योजना के अंतर्गत लगभग दो लाख परिवारों को सहायता प्रदान की जाएगी। इन परिवारों की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह पेंशन के साथ 300 यूनिट मुफ्त बिजली भी उपलब्ध करवाई जाएगी। वहीं चर्चा है कि इस महत्वाकांक्षी योजना का औपचारिक शुभारंभ कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव एवं सांसद प्रियंका गांधी के हाथों कराया जा सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन पार्टी स्तर पर इसे बड़े राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं।

दो प्रमुख चुनावी गारंटियों को एकीकृत किया
इस तरह कांग्रेस की दो प्रमुख चुनावी गारंटियों को एकीकृत कर सरकार एक व्यापक सामाजिक सुरक्षा मॉडल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का मानना है कि विभिन्न विभागों के माध्यम से योजनाएं संचालित करने के बजाय पात्र परिवारों को एकीकृत लाभ प्रदान किया जाए। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना को व्यापक स्वरूप दिया गया है। योजना के तहत चयनित परिवारों को बिजली बिल में राहत के साथ-साथ महिला मुखिया या पात्र महिला सदस्य के बैंक खाते में प्रतिमाह 1500 रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी। साल 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश की महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह देने और 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का वादा किया था। विपक्ष लगातार इन गारंटियों के क्रियान्वयन को लेकर सरकार को घेरता रहा है। ऐसे में इन दोनों वादों को एकीकृत योजना के माध्यम से लागू करने की तैयारी को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अभी पड़ोसी राज्य पंजाब भी अपने उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रहा है।

75 हजार से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार नहीं ले सकेंगे लाभ
75 हजार रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे। एक हेक्टेयर से अधिक भूमि, आयकरदाता सदस्य या सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी नौकरी करने वाला सदस्य होने पर परिवार को अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा। समावेशन प्रक्रिया में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्राथमिकता दी गई है। 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चों वाले परिवार, ऐसे परिवार जिनमें केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के सदस्य हैं और 27 से 59 वर्ष का कोई वयस्क नहीं है, पात्र पूल में शामिल किए जाएंगे। 

ये परिवार होंगे पात्र
इसके अलावा महिला मुखिया वाले परिवार, जिनमें 27 से 59 वर्ष का कोई वयस्क सदस्य नहीं है, भी पात्र होंगे। इनमें विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाएं शामिल हैं। 40 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवारों को भी पूल में शामिल किया जाएगा। वहीं जिन परिवारों के सभी वयस्क सदस्यों ने पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है, उन्हें भी प्रारंभिक पात्रता मिलेगी। कैंसर, अल्जाइमर, पार्किंसंस, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से स्थायी रूप से अक्षम कमाने वाले सदस्य वाले परिवार और दुर्घटना में रीढ़ की हड्डी में चोट लगने से स्थायी रूप से बिस्तर पर पड़े कमाने वाले सदस्य वाले परिवार भी इस दायरे में आएंगे।

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चार कसौटियां पूरी न हुईं तो बाहर
प्रारंभिक पात्रता के बाद परिवारों की अंतिम जांच होगी। अपात्र पाए जाने वाले परिवार को योजना से बाहर कर दिया जाएगा। सरकार ने उदाहरण के माध्यम से प्रक्रिया भी स्पष्ट की है। यदि परिवार के सभी वयस्क सदस्यों ने मनरेगा में कम से कम एक दिन काम किया है, तो परिवार पहले पात्र पूल में आएगा। लेकिन यदि जांच में उसकी वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक निकलती है, तो उसे अंतिम सूची से बाहर कर दिया जाएगा। वहीं आय 75 हजार रुपये या इससे कम, जमीन एक हेक्टेयर या कम और आयकरदाता या नौकरी करने वाला कोई सदस्य नहीं होने पर परिवार अंतिम रूप से योजना का पात्र माना जाएगा।
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