तीसा में हुई घटना को लेकर शुक्रवार को हिमाचल चिकित्सा अधिकारी संघ की बैठक डॉ. राजेश राणा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के राज्य कार्यकारिणी समिति के सदस्य एवं विभिन्न जिला के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में चंबा नागरिक अस्पताल तीसा में कार्यरत चिकित्सक को सोशल मीडिया पर प्रताड़ित किए जाने पर विचार विमर्श किया गया।
संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि किसी भी घटना की सच्चाई की गहन जांच किए बिना सोशल मीडिया पर प्रताड़ित करना मानवीय अधिकारों का हनन है। इस घटना में एक महिला ने चिकित्सक की संपूर्ण प्रतिष्ठा को सोशल मीडिया के माध्यम से दाव पर लगा दिया है। इस घटना में महिला और चिकित्सक के बीच आमने-सामने कोई वार्ता नहीं हुई।
महिला की ओर से लगाए गए आरोप सोशल मीडिया पर फैन फॉलोइंग बढ़ाने के लिए किया गया पब्लिसिटी स्टंट हो सकता है। जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच सामने नहीं आती, तब तक सोशल मीडिया में चिकित्सक की प्रताड़ित करने पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। महिला द्वारा चिकित्सक पर सोशल मीडिया के माध्यम से बार-बार इल्जाम लगाना और कहना कि चिकित्सक ने उसकी एफआईआर को अपने प्रभाव से रोक रखा है, इसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
महिला द्वारा चिकित्सक की छवि को सोशल मीडिया में खराब करने के प्रयास को भी तुरंत रोका जाना चाहिए। चिकित्सक को थप्पड़ मारने की धमकी देने वाले के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि दंड तय करना न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आता है, इस तरह से धमकी देना सभ्य समाज के लिए खतरा है। इस प्रकरण की न्यायिक जांच की जानी चाहिए।
चिकित्सकों को छुट्टी लेते समय ड्यूटी एडजस्ट करना और रविवार तथा सरकारी छुट्टियों में भी अपनी ड्यूटी एडजस्ट करते हुए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है और काम का अत्यधिक भार होने से स्वास्थ्य संतुलन पर भी बुरा असर पड़ रहा है।