बैंक प्रबंधन ने मामले की जांच डीजीएम नवनीत महाजन से करवाई थी। बीते वर्ष अधिकारी को इस मामले में चार्जशीट किया था, लेकिन उस समय बैंक के निदेशक मंडल ने उन्हें राहत दे दी थी। अप्रैल 2025 में चार्जशीट ड्रॉप करने का प्रस्ताव भी निदेशक मंडल की बैठक में लाया गया, जिसे मंजूरी नहीं मिल सकी। इसके बावजूद 27 अप्रैल को संबंधित अधिकारी को महाप्रबंधक की शक्तियां देने का आदेश जारी किया गया था, जो बाद में अपरिहार्य कारणों से अमल में नहीं लाया जा सका। इसी वर्ष सरकार ने बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया और मंडल आयुक्त कांगड़ा विनोद कुमार को प्रशासक नियुक्त किया है। प्रशासक ने पदभार संभालते ही लंबित मामलों की समीक्षा करवाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर उपमहाप्रबंधक को बर्खास्त करने का सख्त फैसला लिया।