अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मिला है कि ट्रायल फरवरी 2026 तक पूरा किया जाए, जिसके विफल होने पर सह-आरोपी संतोष कुमार जमानत के लिए स्पेशल कोर्ट जा सकता है। संदीप शाह सात फरवरी 2025 से सलाखों के पीछे है। उस पर शिमला के सदर पुलिस थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आरोपी से 7.98 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि शाह दिल्ली में अफ्रीकी मूल के एक व्यक्ति के संपर्क में आया और वर्चुअल नंबर का उपयोग कर शिमला में चिट्टा की आपूर्ति करने लगा। वह सह-आरोपी वीर सिंह (जो कूरियर से चिट्टा लेता था) और संतोष कुमार (जो रहने की व्यवस्था करता था) के माध्यम से धंधा चला रहा था। चिट्टा बेचने से मिला पैसा चंपा देवी और प्रेम सिंह के नाम पर मौजूद यूपीआई आईडी के जरिए संदीप शाह को भेजा जाता था। आरोपी व्च्ट्सट्सएप कॉल का उपयोग करता था ताकि रिकॉर्डिंग से बचा जा सके।