हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नगर निगम शिमला के आयुक्त को संजौली मस्जिद मामले को 8 हफ्ते के भीतर निपटाने के आदेश जारी किए हैं। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने आयुक्त को मामले में सभी हितधारकों को पार्टी बनाने को कहा है।
मस्जिद मामले में संजौली के स्थानीय निवासियों की ओर से याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता जगत पाल ने अदालत को बताया कि लोगों ने वर्ष 2010 में मस्जिद में अवैध निर्माण के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। 14 साल बीत जाने के बाद भी मामला आयुक्त के कोर्ट में लंबित है। अधिवक्ता ने अदालत से मामले को समय पर निपटाने की गुजारिश की।
वहीं, सरकार की ओर से महाधिवक्ता अनूप रतन पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि नगर निगम आयुक्त ने दो महीने में मस्जिद के अवैध निर्माण को हटाने के आदेश दिए हैं। सरकार मामले में कार्रवाई कर रही हैं। दोनों पक्ष सुनने के बाद अदालत ने आयुक्त को मामला समय पर निपटाने के साथ-साथ सभी हितधारकों को पार्टी बनाने को कहा।