हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि सेली प्रोजेक्ट मामले में अपफ्रंट प्रीमियम समय पर जमा न करने में जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ जांच रिपोर्ट को अदालत के रिकॉर्ड में लाया जाए। उधर, हिमाचल सरकार की ओर से शुक्रवार को महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अगली सुनवाई से पहले इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सेली प्रोजेक्ट का 64 करोड़ रुपए का अपफ्रंट प्रीमियम जमा न करने पर अधिकारियों के विरुद्ध जांच के आदेश दिए थे।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सरकार को 29 करोड़ रुपए अतिरिक्त जमा करने पड़े। अफसरों की लापरवाही से सरकारी खजाने को नुकसान हुआ, इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। इस मामले की सुनवाई अब मार्च में होगी। एकल पीठ ने जब हिमाचल भवन को अटैच करने का आदेश दिया तो उसके बाद सरकार ने हाईकोर्ट की रजिस्ट्री में 93 करोड़ 96 लााख 7 हजार 670 रुपये जमा किए। अगर यह राशि समय पर जमा कर दी गई होती तो इससे हिमाचल भवन को अटैच करने की नौबत नहीं आती और न ही सरकार को अतिरिक्त 29 करोड़ रुपये जमा करने पड़ते।