हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने पंचायत चुनावों में हो रही देरी और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। शुक्रवार को राजधानी शिमला स्थित एजी ऑफिस में ऑडिट वीक का शुभारंभ करने पहुंचे राज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में पंचायत चुनावों में देरी को लेकर सरकार और चुनाव आयोग दोनों को जिम्मेदार ठहराया। राज्यपाल ने कहा कि अगर चुनाव समय पर न हों तो राज्य में अस्थिरता पैदा होती है।
पंचायती राज चुनाव करवाना राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है। मंत्री कह रहे हैं कि चुनाव समय से होंगे, जबकि सात जिलों के डीसी कह रहे हैं कि अभी हालात चुनाव कराने के लिए अनुकूल नहीं हैं। ये दोनों बयान विरोधाभासी हैं और ऐसा नहीं होना चाहिए। अब मंत्री बड़ा है या अधिकारी? इसकी समीक्षा होनी चाहिए। समय पर पंचायत चुनाव करवाना सांविधानिक व्यवस्था है। राज्य चुनाव आयोग और सरकार को साथ बैठकर स्थिति पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और समयबद्ध चुनाव करवाने चाहिए।
राज्यपाल ने हाल के दिनों में हुई कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हिमाचल को देवभूमि कहा जाता है। यहां इस प्रकार की घटनाएं चिंता का विषय हैं। सरकार को प्राथमिकता के आधार पर स्थिति संभालनी चाहिए और देवभूमि की पवित्रता को बनाए रखना चाहिए। राज्यपाल के इन बयानों से प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। जहां विपक्ष पहले ही पंचायत चुनावों में देरी और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सरकार पर हमलावर है, वहीं राज्यपाल की टिप्पणी ने और सवाल खड़े कर दिए हैं।