शुरुआती निवेश पर डिजिटल स्क्रीन पर फर्जी मुनाफा दिखाया जाता है। इससे उपयोगकर्ता को लगता है कि उसका निवेश वाकई बढ़ रहा है। लोग इस झांसे में आकर और अधिक रकम जमा कर देते हैं। पैसे निकालने का प्रयास करने पर निकासी अनुरोध अस्वीकार कर दिया जाता है। पीड़ितों के खाते ब्लॉक कर दिए जाते हैं और धोखाधड़ी वाले एप गायब हो जाते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोई भी वैध प्लेटफॉर्म निश्चित या असामान्य रूप से उच्च रिटर्न का दावा नहीं करता। जनता को अपने व्हाट्सएप, जीमेल और बैंकिंग एप पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखने की सलाह दी गई है। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत कॉल करें।