केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह उद्घाटन करते हुए।
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रविवार को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पालमपुर के हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान में बायोचार और उर्वरक उत्पादन इकाई का उद्घाटन किया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हमारा मंत्रालय राज्यों से जुड़ा हुआ है। हस्तशिल्प हमारी प्राचीन कला है और वस्त्रों से जुड़ी हुई है। यह रोजगार का भी साधन है। हस्तशिल्प के क्षेत्र में 40 लाख कारीगर काम करते हैं।
#WATCH | Himachal Pradesh | Union Minister Giriraj Singh inaugurates Biochar and fertilizer production unit in Palampur's Institute of Himalayan Bioresource Technology pic.twitter.com/Hh7MvcFKZq
— ANI (@ANI) May 25, 2025
उन्होंने कहा कि आईएचबीटी हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े पैमाने पर योगदान दे रहा है। मैंने उनसे राज्य सरकार और उद्यमियों से संपर्क करने को कहा। अगर वे कांगड़ा को फूलों की खेती से जोड़ते हैं, तो फूलों की खेती पर्यटन का एक नया आयाम बनेगा। किसानों की आय भी चार गुना बढ़ जाएगी।
#WATCH | Himachal Pradesh | Union Minister Giriraj Singh says, "Our ministry is associated with the states... Handicrafts is our ancient art and associated with textiles... This is also a means of employment. 40 lakh artisans work in the sector of handicrafts..."
He also says,… https://t.co/vKsARE2AyM pic.twitter.com/GqmOv8bKG6
— ANI (@ANI) May 25, 2025
ऑपेरशन सिंदूर पर भी बोले
वैश्विक स्तर पर ऑपरेशन सिंदूर के लिए सांसदों के प्रतिनिधिमंडलों के विभिन्न देशों के दौरे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, एक प्रतिनिधिमंडल भारत के बिंदुओं को सामने रख रहा है, पाकिस्तान द्वारा फैलाए गए कथानक को बदल रहा है। इसी तरह का एक प्रतिनिधिमंडल 1994 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में इसी उद्देश्य से गया था। अगर पाकिस्तान इसे समझने में असमर्थ है और निराश है तो क्या किया जा सकता है।