केवल कार्यालय आना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि चेक-इन और चेक-आउट दोनों समय उपस्थिति दर्ज करना जरूरी रहेगा। शिक्षा निदेशालय ने चेतावनी दी है कि निर्देशों की अवहेलना या किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं करता है तो उसके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। निर्देशों में सभी जिला और खंड स्तरीय अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से इन आदेशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से कर्मचारियों की नियमितता और जवाबदेही बढ़ेगी तथा कार्यालयों में कार्य संस्कृति को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।