हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भूकंप का झटका महसूस किया गया है। भूकंप मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 2.1 आंकी गई। भूकंप का केंद्र कांगड़ा में जमीन के अंदर पांच किलोमीटर गहराई पर था। हालांकि भूकंप से किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है।
बता दें, हिमाचल का इतिहास भी बड़े भूकंपों की भयावहता का गवाह रहा है। 1905 में कांगड़ा और चंबा में आए विनाशकारी भूकंप में 10 हजार से अधिक लोगों की जान गई थी। हिमाचल भूकंप के लिहाज से संवेदनशील बना हुआ है। बीते तीन वर्षों में एक अगस्त 2026 तक प्रदेश में 67 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे निजी संपत्ति को करीब 7.05 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इसमें सबसे अधिक 4.55 लाख रुपये का नुकसान चंबा और 2.50 लाख रुपये का नुकसान लाहौल-स्पीति में आंका गया है।
आंकड़ों के अनुसार तीन साल की अवधि में चंबा में 26 बार भूकंप महसूस किया गया। इसके बाद लाहौल-स्पीति में 14, किन्नौर में सात, कांगड़ा में चार और शिमला में दो बार भूकंप के झटके महसूस हुए। अन्य जिलों में भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं। राजस्व मंत्री ने बताया कि इस अवधि में प्रदेश में सबसे अधिक तीव्रता वाला भूकंप चार अप्रैल 2024 को चंबा जिले में आया था।