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Himachal: चिट्टे के नशे में डॉक्टर, अफसर और वन रक्षक भी चढ़े पुलिस के हत्थे, डेढ़ साल में 30 से अधिक गिरफ्तार

Mon, 02 Dec 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा देवेंद्र ठाकुर, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

हिमाचल प्रदेश में पिछले डेढ़ साल में 30 से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को विभिन्न चिट्टा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के मुताबिक चिट्टे का नशा इतना खतरनाक है कि इसकी लत किसी भी व्यक्ति को नशे की तस्करी करने पर मजबूर कर सकती है।
 
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चिट्टा(फाइल) - फोटो : संवाद
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विस्तार
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चिट्टे के नशे में युवा ही नहीं डॉक्टर, अफसर, पुलिस कर्मचारी, वन रक्षक भी अपने सुनहरे भविष्य पर दाग लगा चुके हैं। नशा सरकारी विभागों के अफसरों और कर्मचारियों को भी तस्करी के दलदल में धकेल रहा है। हालत यह है कि इसमें पुलिस विभाग भी अछूता नहीं है। पिछले डेढ़ साल में 30 से अधिक सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को विभिन्न चिट्टा तस्करी के मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। कई नशे के आदी होने पर चिट्टे के साथ पकड़े गए हैं तो कइयों की अंतरराज्यीय चिट्टा तस्कर गिरोह के साथ संलिप्तता पाई गई है।

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रोहड़ू, जुब्बल और चिड़गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में सालों से चिट्टा तस्करी का नेटवर्क चला रहे अंतरराज्यीय तस्कर शाही महात्मा गिरोह की हुई गिरफ्तारियों में पुलिस ने एक फॉरेस्ट गार्ड को भी दबोचा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी की नशे की तस्करी में भी भूमिका है। पुलिस के मुताबिक चिट्टे का नशा इतना खतरनाक है कि इसकी लत किसी भी व्यक्ति को नशे की तस्करी करने पर मजबूर कर सकती है। इसकी वजह इसकी कीमत है, जिसकी वजह से सरकारी विभागों में सेवाएं दे रहे अधिकारी और कर्मचारी भी नशा तस्करी के दलदल में फंस रहे हैं। करीब डेढ़ महीने पहले पुलिस ने एक मामले में पुलिस विभाग के कांस्टेबल को भी चिट्टा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया है। इसके अलावा बैंक के असिस्टेंट मैनेजर, एमबीबीएस डॉक्टर, पंचायत में तैनात तकनीकी सहायक, डाक विभाग में तैनात कर्मचारी और सचिवालय में सेवाएं दे रहे एक कर्मी को भी पुलिस एनडीपीएस के मामले में गिरफ्तार कर चुकी है।

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पंचायत सहायक को जिला प्रशासन ने किया बर्खास्त
हाल ही में नशा तस्करी के मामले में पुलिस ने एक पंचायत सहायक को गिरफ्तार किया है। मामला कोटखाई क्षेत्र का बताया जा रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संदेश देते हुए औपचारिकताएं पूरी करने के बाद कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। जिला प्रशासन के मुताबिक समाज को खोखला करने वाले इस नशे की तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। एडीसी शिमला अभिषेक वर्मा ने बताया कि चिट्टे के मामले में गिरफ्तार पंचायत सहायक को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है।

चिट्टे का नशा समाज के लिए खतरा है। नशा करने वाला अपने शरीर के साथ ही परिवार के लिए भी कई मुश्किलें खड़ी कर देता है। इसको देखते हुए नशे के खिलाफ पुलिस मिशन क्लीन के तहत कड़ी कार्रवाई कर रही है। इसमें कई सरकारी विभागों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी भी पकड़े गए हैं। नशा तस्करों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा- संजीव कुमार गांधी, एसपी, शिमला
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