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हिमाचल: सीएम सुक्खू बोले- दुबई चखेगा कुल्लू का सिंदूरी अनार, 1.3 मीट्रिक टन का निर्यात

Thu, 22 Oct 2026 07:38 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इसके लिए उन्हें देश और प्रदेश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। 
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कुल्लू जिला से 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी किस्म का अनार संयुक्त अरब अमीरात के दुबई शहर को निर्यात किए गए हैं। प्रदेश सरकार किसानों और बागवानों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इसके लिए उन्हें देश और प्रदेश के विभिन्न बाजारों तक पहुंच उपलब्ध कराई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है।

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गुरुवार को सुक्खू ने कहा कि कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने इस निर्यात में सहयोग किया। अनार कुल्लू के किसानों और कुल्लू स्थित भुंतर किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से एकत्र किए गए थे। इस एफपीओ से लगभग 600 किसान जुड़े हुए हैं। अनार की आपूर्ति करने वाले किसानों में रीना देवी, संजय कुमार, नीतिश कुमार और वीर सिंह गुलेरिया शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव सहयोग दे रही है।
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सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों को उनकी उपज के विपणन के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच उपलब्ध करवाई जा रही है। सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। सरकार कृषि एवं बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसी वर्ष जून माह में भी निर्यात किए गए थे। इससे पहले शिमला जिला के जड़ोल-टिक्कर और बागी क्षेत्रों के छह किसानों की ओर से उत्पादित 400 किलोग्राम चेरी और 400 किलोग्राम प्लम ओमान को निर्यात किए गए थे। उन्होंने किसानों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों की मांग के अनुरूप उच्च गुणवत्ता वाली फसलों की खेती करने का आग्रह किया। इससे हिमाचल प्रदेश के फल वैश्विक बाजारों में अपनी पहचान स्थापित कर सकेंगे।
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