वीरवार को पटना में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सीएम सुक्खू ने कहा कि बिहार में चुनाव होने जा रहे हैं और 20 साल से यहां पर विपक्ष की सरकार है। वह बिहार एयरपोर्ट से आ रहे थे। 20 साल से जो सत्ता में आते हैं वे कुछ न कुछ व्यवस्था परिवर्तन करते हैं। वह फोरलेन का हाल देख रहे थे, यह फोरलेन न होकर टू लेन है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भाजपा मुख्य विपक्षी पार्टी है। यहां बदलाव की जरूरत है। यह हमेशा अच्छे के लिए होता है। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में वह कहना चाहेंगे कि यह देश का पहला राज्य है, जहां विकास की गाथा लिखने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम दी गई है। भाजपा की सरकार जब थी तो पुरानी पेंशन स्कीम नहीं मिलती थी। एनपीएस के तहत थे तो मात्र तीन हजार रुपये पेंशन मिलती थी। जिस सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को महज तीन हजार या पांच हजार रुपये मिलते थे, वह बढ़कर तीस हजार और पचास हजार रुपये मिलते थे।
उन्होंने कहा कि अगर राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस स्कीम को लागू करना होता तो चुनाव 2027 में हैं तो यह चुनाव से पहले किया जाता। बिहार की सरकार की तरह 10 हजार रुपये महिलाओं को चुनाव से पहले डालने की तरह करते। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में दूध पर एमएसपी दिया जा रहा है। यह देश का पहला राज्य है। प्राकृतिक खेती से उगाए जा रहे अनाज का भी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। मनरेगा में काम करने वाले हिमाचल प्रदेश में बहुत कम लोग हैं। मनरेगा की दिहाड़ी भी सरकार 320 रुपये दे रही है। सोलर पॉवर प्रोजेक्ट लगाने के लिए अनुदान सब्सिडी दी जा रही है। ई-टैक्सी योजना के तहत भी युवाओं को अनुदान दिया जा रहा है। युवाओं की गाड़ियां सरकारी क्षेत्र में लगाई गई हैं।