पूर्व सुकेत रियासत की राजधानी रही पांगणा नगर से खोजी गई एक प्राचीन पांडुलिपि में इस मुकदमे का विस्तार से ब्योरा मिला है। 12 पन्नों में सिमटी इस पांडुलिपि से साफ हो जाता है कि पूर्व सुकेत रियासत के धर्मभीरु राजा छूआछूत के सख्त खिलाफ थे। राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के सदस्य रहे पांगणा निवासी डॉ. जगदीश शर्मा ने बताया कि यह पांडुलिपि मंडयाली नागरीय टांकरी में लिखी गई है। यह पांडुलिपि पूर्व सुकेत रियासत के इतिहास का एक अहम हिस्सा है, जिसका संरक्षण कर इसे संजोया जाएगा।