सदन में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ने वालों के अलावा किसी भी उपभोक्ता की बिजली सब्सिडी को बंद नहीं किया गया है। एक से अधिक बिजली मीटर लगाने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को भी सरकार सब्सिडी दे रही है। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने को लेकर समय से विचार किया जाएगा। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए इस बाबत फैसला होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आर्थिक तौर पर संपन्न परिवारों से बिजली सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। करीब 15 हजार उपभोक्ता सब्सिडी छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों को भी सब्सिडी छोड़नी चाहिए, इससे अच्छा संदेश जाएगा। कई बीपीएल परिवारों के 70 से 75 मीटर लगे हैं। इनको भी सरकार सब्सिडी दे रही है। इनसे 50 रुपये का मीटर रेंट भी नहीं लिया जा रहा। काॅमर्शियल मीटर वालों की 300 यूनिट से अधिक खपत पर सब्सिडी बंद की गई है। सब्सिडी छोड़ने से सरकार को करीब 59 लाख रुपये का आर्थिक लाभ हुआ है। कैबिनेट रैंक प्राप्त नेताओं के बिजली बिलों पर सरकार ने 17.95 लाख रुपये व्यय किया है। शिमला शहर, धर्मशाला और शिमला जोन के तहत 6,52,955 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। शिमला जोन में बचे क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर फरवरी 2026 तक लगाने का लक्ष्य है। हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जोन में मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरु हो गई है।