हिमाचल प्रदेश की महत्वाकांक्षी ऊहल तृतीय जलविद्युत परियोजना में 22 साल के लंबे इंतजार के बाद वीरवार से विद्युत उत्पादन शुरू हो गया। इस परियोजना के तहत यूनिट नंबर दो ने क्षमता से अधिक 36.70 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया है। इसकी क्षमता 33.33 मेगावाट की है। परियोजना प्रबंधन आने वाले दिनों में नंबर एक और तीन यूनिट से भी विद्युत उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है। बोर्ड प्रबंधन के मुताबिक तीनों यूनिटों से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद सालाना कुल 400 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इससे प्रदेश को 200 से 250 करोड़ की अतिरिक्त आय प्राप्त होगी।
ऊहल प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक देवेंद्र सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक टेस्ट के सभी परीक्षण तीनों यूनिटों में सफल रहे हैं। यूनिट नंबर दो में विद्युत उत्पादन भी शुरू हो गया है। पावर हाउस में स्थापित 33.33 मेगावट के यूनिट एक और तीन में भी फरवरी माह में बिजली तैयार होगी। वहीं जून माह में पानी की पर्याप्त उपलब्धता होते ही 110 मेगावाट का विद्युत उत्पादन भी सौ मेगावाट की परियोजना में होगा। जनवरी माह में इलेक्ट्रिक टेस्ट पूरे होने के बाद अब विद्युत उत्पादन शुरू हुआ है। इससे प्रदेश सरकार को करोड़ों की आमदनी होगी। सालाना दो सौ करोड़ से अधिक का राजस्व भी सरकार का खजाना भरेगा।