निगम ने नाहन के 58 में से 20 डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया है। इन डिफाल्टरों को 17 जुलाई को नाहन की राजस्व अदालत में पेशी के लिए बुलाया गया है। यदि वह अदालत में पैसा नहीं चुकाते, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जा सकती है। नाहन के 58 डिफॉल्टरों के पास निगम का लगभग 80 लाख रुपये अटके हुए हैं। डिफाल्टरों ने लगभग 15 वर्षों से निगम का पैसा नहीं चुकाया है। कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक राहुल जैन ने बताया कि निगम ने इस वर्ष डिफाल्टरों से 2 करोड़ रुपये तक वसूल करने का लक्ष्य रखा है। इस कारण निगम को अब डिफाल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी पड़ रही है।