शहरी सहकारी बैंकों में एनपीए वसूली तेज और निगरानी तंत्र मजबूत करने का फैसला
प्रदेश के शहरी सहकारी बैंकों को वित्तीय रूप से अधिक मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए एनपीए वसूली तेज करने और निगरानी तंत्र मजबूत करने का फैसला हुआ है। मंगलवार को आरबीआई शिमला द्वारा टास्क फोर्स ऑन अर्बन कोऑपरेटिव बैंक की 31वीं बैठक आयोजित की गई, जिसमें बैंकों की वित्तीय स्थिति, नियामकीय अनुपालन और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की सह अध्यक्षता आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक अनुपम किशोर और प्रदेश सरकार के सचिव सहकारिता सुदेश कुमार मोक्टा ने की। इसमें सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार, नेशनल फेडरेशन ऑफ अर्बन कोऑपरेटिव बैंक्स एंड क्रेडिट सोसाइटीज लिमिटेड के प्रतिनिधियों, आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों तथा राज्य के शहरी सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने भाग लिया।
बैठक में चयनित शहरी सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति की गहन समीक्षा करते हुए आस्ति गुणवत्ता, पूंजी पर्याप्तता, नियामकीय अनुपालन और निगरानी संबंधी मुद्दों पर विशेष फोकस किया गया। बढ़ते गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) की वसूली में तेजी लाने, जोखिम प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस को सुदृढ़ करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा आंतरिक नियंत्रण तंत्र को मजबूत बनाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ। आरबीआई अधिकारियों ने कहा कि टास्क फोर्स ऑन अर्बन कोऑपरेटिव बैंक शहरी सहकारी बैंकों की वित्तीय चुनौतियों की पहचान कर उनके समाधान के लिए एक प्रभावी संस्थागत मंच है। इसके माध्यम से नियामकों और बैंकिंग क्षेत्र के हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सहकारी बैंकिंग प्रणाली को अधिक सशक्त और भरोसेमंद बनाया जा रहा है।