उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि हिमाचल में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए धारा 118 का सरलीकरण करना होगा। धारा 118 से संबंधित मंजूरियां लेने में दो-दो साल तक लग रहे हैं। ऐसे में भविष्य के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस को एक साथ बैठकर प्रदेश हित में काम करना होगा। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक सुखराम चौधरी और जीतराम कटवाल की ओर से उद्योगों से जुड़े मामले उठाने पर उद्योग मंत्री ने यह जवाब दिया।
उद्योग मंत्री ने कहा कि गत तीन वर्षों में 20 फरवरी 2025 तक प्रदेश में कुल 1854 औद्योगिक इकाइयां स्थापित हुई हैं। यह इकाइयां कितना उत्पादन कर रही हैं, इस संदर्भ में सूचना विभाग की ओर से संकलित नहीं की जाती हैं। कहा कि प्रदेश में कोई उद्योग बंद नहीं हुआ है। कोई भी इकाई दूसरे राज्यों में भी स्थानांतरित नहीं हुई है। उद्योगपतियों ने अन्य राज्यों में इकाइयों का विस्तार किया है। उद्योग मंत्री ने कहा कि उद्योगों का बंद होना एक सामान्य प्रक्रिया है। उद्योग बंद करने की जानकारी विभाग को नहीं दी जाती है। अस्थायी तौर पर कई कारणों से उद्योग बंद होते हैं। कई उद्योगों के उत्पाद पुरानी तकनीक के हो जाते हैं, ऐसे में तकनीक को बढ़ाने के लिए कई बार उद्योग बंद होते हैं। उन्होंने कहा कि कई कानून भी निवेश को रोक रहे हैं। धारा 118 निवेश बढ़ाने में एक बड़ी बाधक बन गई है। उद्योग मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 64 औद्योगिक क्षेत्र हैं। सरकार जल्द ही 13 नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने के लिए भूमि चयनित की गई है।