एनएच-70 के लिए भवनों को हटाते एनएचएआई की निर्माण कार्य देखने वाली एजेंसी के कर्मचारी।
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हमीरपुर। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-70 को पंजाब के अटारी बॉर्डर से लेह तक जोड़ने और इसे ग्रीन कॉरिडोर बनाने का काम शुरू हो गया है।
एनएचएआई ने हमीरपुर के ठाणा दरोगन से मंडी जिला के पारछू पुल तक पैकेज एक का निर्माण शुरू कर दिया है। विभाग ने हमीरपुर जिले में अधिगृहित भूमि और भवनों को कब्जे में लेने का काम शुरू कर दिया है। विभाग ने सबसे पहले एनएच की जद में आ रहे पेड़ों को काटा। उसके बाद विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग की जद में आ रहे घरों और दुकानों का तोड़ने का काम भी शुरू कर दिया है।
विभाग ने एडीएम भोरंज के माध्यम से एनएच की जद में आ रहे भवन मालिकों को पहले ही भवन खाली करने के लिए कह दिया था। भवन मालिकों को मुआवजा भी मिल चुका है। अटारी से लेकर मंडी तक एनएच-70 की कुल लंबाई 265 किलोमीटर है। इसमें 141 किलोमीटर सड़क का पूर्व में निर्माण पूरा हो चुका है। हमीरपुर के ठाणा दरोगन से आगे मंडी तक 109 किलोमीटर सड़क का कार्य शेष बचा है। हमीरपुर से मंडी तक के बीच की दूरी 124 किलोमीटर है, लेकिन एनएचएआई की नई अलाइनमेंट के बाद 15 किलोमीटर कम हुए हैं।
109 किलोमीटर को तीन पैकेज में बांटा गया है। पैकेज एक और पैकेज तीन की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। डबललेन एनएच पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पैकेज एक हमीरपुर से पारछू पुल तक की दूरी 40 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 223 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस एनएच में दो टोल प्लाजा भी बनेंगे। ग्रीन कॉरिडोर के तहत इस मार्ग पर सड़क किनारे सोलर लाइटें और पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। पर्यावरण मित्र तकनीक से एनएच का निर्माण होगा।