हमीरपुर। अचार की खटास से महिलाओं की जिंदगी में मिठास घुल रही है। गांव की महिलाएं चूल्हा-चौका और घर के कामकाज के साथ स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
सीरा, अचार, सीडू और बड़ियां बनाकर साई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने आर्थिक समृद्धि की राह पक्की है। महिलाओं की तरफ से तैयार अचार की आपूर्ति जिले के कई स्थानों में की जा रही है। साई स्वयं सहायता समूह की सदस्य शालिनी देवी ने बताया कि समूह का गठन 2021 में किया गया है। अभी समूह में 11 महिलाएं हैं। समूह की प्रधान संतोष कुमारी हैं।
उन्होंने बताया कि समूह की ओर से बनाए गए अचार और बड़ियों की काफी मांग है। भरेड़ी, भोरंज सहित जिले के कई क्षेत्रों में विभिन्न प्रकार के अचार को बेचा जाता है। 100 रुपये से अचार की कीमत शुरू हो जाती है। उत्पाद की मात्रा पर ही कीमत तय की जाती है।
इसके अलावा सेवेइयों की भी काफी मांग है। गांव की महिलाओं के साथ-साथ विभिन्न जगहों पर स्टाल लगाने के दौरान महिलाओं को जागरूक किया जाता है। हाल ही में बीडीओ ऑफिस भोरंज में भी स्टॉल लगाया गया था। समूह से जुड़ी महिलाएं महीने में कम से कम सात से दस हजार रुपये कमा रही हैं।
धीरे-धीरे काम बढ़ रहा है। लोगों को इनके उत्पाद पसंद आ रहे हैं। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का आह्वान किया है। इस कदम से परिवार को चलाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।