सुजानपुर (हमीरपुर)। लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या और इसके नियंत्रण को लेकर दावे सुजानपुर ही नहीं, बल्कि जिलेभर में हवा ही रहे हैं। लावारिस कुत्तों की दहशत से कभी जिला मुख्यालय हमीरपुर तो कभी उपमंडल मुख्यालयों पर लोग खौफजदा हैं।
सोमवार को सुजानपुर में 28 लोगों और एक पालतू गाय को कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद से प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। बाजार में कुत्तों की वैक्सीनेशन शुरू हो गई है, लेकिन कुत्तों के अलावा उन लावारिस पशुओं की पहचान करना भी चुनौती होगी, जो कि कुत्ते के संपर्क में आए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन कुत्तों की ओर से हमला कर लोगों को घायल करने की घटनाएं थमने के स्थान पर बढ़ती जा रही हैं। लोग स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और लोग अपनी रक्षा करने के लिए हाथ में डंडा लेकर चलने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि इन आवारा कुत्तों पर अंकुश लगाने के लिए इनकी नसबंदी की जानी चाहिए।
वहीं, दिन-प्रतिदिन हो रही लावारिस कुत्तों के काटने की घटना को लेकर लोग सहमे हुए हैं। लावारिस पशुओं का जमावड़ा शहर में हर समय घूमता नजर आता है। वहीं, कुत्तों ने किस किस जानवर को काटा है, इसका भी आंकड़ा मिलना मुश्किल हो गया है। इससे लोगों में और अधिक दहशत है।
महीना पहले 12 लोग किए थे घायल
करीब एक माह पहले ही आवारा कुत्ते ने लगभग 12 लोगों को घायल कर दिया था। सोमवार को तीन दर्जन के करीब एक कुत्ते ने कई लोगों को लहूलुहान कर दिया। शहर में आवारा पशुओं का जमावड़ा भी हर समय देखा जा सकता है। ऐतिहासिक चौगान में पशुओं का जमावड़ा लगा रहता है। पशु कई बार सड़कों में घूमकर यातायात अवरुद्ध कर देते हैं। शाम ढलते ही खेतों में खेती को उजाड़ देते हैं।
वैक्सीनेशन के साथ लगाए कॉलर बैंड
सुजानपुर क्षेत्र के तहत लावारिस कुत्तों के आतंक से बचाने को लेकर के नगर परिषद ने उनकी धर-पकड़ शुरू कर दी है। पशुपालन विभाग उनको एंटी रेबीज वैक्सीन कर रहा है, जिसके चलते कुत्ते के काटने से किसी बीमारी का भय न बने। टीकाकरण के साथ ही नगर परिषद उनमें एक कॉलर बैंड भी लगा रही है, ताकि कुत्ते की पहचान हो सके कि कुत्ते को एंटी रेबीज टीका लग चुका है।
लोग बोले– घर से निकलना हुआ मुश्किल
आवारा कुत्तों के आतंक से लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। सोमवार को 25 से अधिक लोगों को काटा गया।
-नीटू सिंह, निवासी सुजानपुर
लावारिस पशु शहर की ज्वलंत समस्या बन चुके हैं। शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो बड़ी महामारी फैल सकती है।
-संजय गुप्ता, सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर
बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगता है। नसबंदी और वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों को जंगलों में छोड़ा जाए।
-राहुल पुवारी
सुबह सड़क किनारे और रात को खेतों में घूमते पशु परेशानी बढ़ा रहे हैं। प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिएं।
-अंकु ठाकुर
पालतू कुत्तों का नगर परिषद में पंजीकरण अनिवार्य है, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।
-आर्यन मिन्हास, सफाई निरीक्षक
एसडीएम सुजानपुर विकास शुक्ला से सवाल-जवाब
सवाल : उन लावारिस पशुओं की पहचान कैसे होगी जो कुत्ते के संपर्क में आए हैं। प्रशासन इसके लिए क्या कर रहा है।
जवाब: कुत्तों की वैक्सीनेशन शुरू कर दी गई है। इसके अलावा अन्य पशु जो संदिग्ध हैं, उनकी पहचान के लिए लोगो से अपील है कि वह विभाग और प्रशासन को सूचित करें। पशुपालन विभाग को पत्र लिखा जा रहा है कि पशुओं की पहचान की जाए और उन्हें वैक्सीन लगाई जाए।
सवाल 2: अब तक कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए क्या प्रयास हुए?
जवाब: पहले कोई बड़ा अभियान नहीं चलाया गया था। अब वैक्सीनेशन के बाद नसबंदी करवाई जाएगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सवाल 3: चौगान क्षेत्र में लावारिस पशुओं का स्थायी समाधान क्यों नहीं हुआ?
जवाब: चौगान क्षेत्र में सौंदर्यीकरण का कार्य जारी है। यहां लाइटिंग की व्यवस्था की जा रही है और पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर लोगों की सहभागिता से समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
सुजानपुर में कुत्तों को पकड़ कर वैक्सीनेशन करते हुए कर्मचारी। संवाद
सुजानपुर में कुत्तों को पकड़ कर वैक्सीनेशन करते हुए कर्मचारी। संवाद
सुजानपुर में कुत्तों को पकड़ कर वैक्सीनेशन करते हुए कर्मचारी। संवाद
सुजानपुर में कुत्तों को पकड़ कर वैक्सीनेशन करते हुए कर्मचारी। संवाद
सुजानपुर में कुत्तों को पकड़ कर वैक्सीनेशन करते हुए कर्मचारी। संवाद
सुजानपुर में कुत्तों को पकड़ कर वैक्सीनेशन करते हुए कर्मचारी। संवाद