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आग से खैर, आंवला और चीड़ के पेड़ जले, सिसवां में गोशाला राख

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सिसवां में गोशाला में लगी आग को बुझाते दमकल कर्मी। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। गर्मियों के मौसम में रोजाना वनों में आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। वीरवार को अग्निशमन केंद्र हमीरपुर के तहत चार जगह आग लग गई। सुबह छह बजे ही केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर के साथ लगते जंगल में आग से आंवला, खैर और चीड़ के पेड़ जल गए। इससे करीब 40 हजार का नुकसान हुआ है। वहीं, पक्काभरो बाईपास पर भी जंगल में आग लग गई। इसमें भी हजारों की वन संपदा राख हुई है। वीरवार शाम को अणु के साथ लगते जंगल में आग लग गई। देर शाम तक दमकल विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी रही।
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उधर, टौणीदेवी की ग्राम पंचायत सिकंदर के गांव सिसवां में कमलजीत पुत्र पंजू राम की पशुशाला में वीरवार दोपहर बाद अचानक आग लग गई। इससे पशुशाला में रखी घास, तूड़ी, इमारती लकड़ी जलकर राख हो गई। आग की लपटें देख कर गांववासियों ने पशुशाला में बंधी भैंस को तो निकाल लिया, लेकिन अंदर रखी घास के 80 गट्ठे, दस क्विंटल तूड़ी, टोका मशीन की मोटर और इमारती लकड़ी जल गई। अग्निशमन विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। पंचायत प्रधान पवन शर्मा ने मौका देखा और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलवाने का आश्वासन दिया। स्टेशन फायर ऑफिसर राजेंद्र चौधरी ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है। अणु में शाम तक कर्मचारी डटे रहे। रोजाना तीन से चार आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। विभाग सक्रिय है और सूचना मिलते ही मौके पर जा रहे हैं।
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