संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बड़सर के बाद अब सुजानपुर में भी लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां दो साल में महज दो किलोमीटर सड़क पर टारिंग हुई है, जबकि विभाग ने ठेकेदार को 9.89 किलोमीटर सड़क को पक्का करने का कार्य सौंपा था।
लोक निर्माण विभाग ने जुलाई 2020 में लखनऊ की एक कंपनी को कुठेड़ा-चलोखर-री-बनाल सड़क निर्माण का कार्य सौंपा था। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस सड़क का शिलान्यास किया था। इसके लिए सरकार से 6.61 करोड़ रुपये बजट स्वीकृत है। पांच साल तक रखरखाव के लिए 57.37 लाख का बजट है। टेंडर शर्तों के अनुसार कंपनी को जुलाई 2021 तक यह कार्य पूरा करना था, लेकिन दो सालों में संबंधित कंपनी महज दो किलोमीटर सड़क पर ही टारिंग कर पाई।
निर्माण कार्य में देरी पर लोनिवि ने कंपनी को करीब 65 लाख रुपये पेनल्टी लगाई और टेंडर भी रद्द कर दिया है। अब विभाग ने नए सिरे से इस सड़क का टेंडर आमंत्रित किया है। पहले 2 मई और बाद में 6 मई तक टेंडर फार्म की तारीख बढ़ाने के बावजूद हमीरपुर के एक ठेकेदार का एकमात्र टेंडर फार्म आया है। हैरानी की बात तो यह है कि पूर्व में करीब दस किलोमीटर सड़क पर पेवर शोल्डर और टारिंग समेत अन्य कार्य का टेंडर साढ़े छह करोड़ में आवंटित किया था। करीब 40 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन अब विभाग फिर से छह करोड़ में यह कार्य सौंपने जा रहा है।
कुल मिलाकर एक ही कार्य के बार-बार टेंडर से जहां कार्य पूरा करने में समय लग रहा है, वहीं लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही लागत बढ़ने से सरकार को भी नुकसान हो रहा है। पुराने ठेकेदार को दो करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान भी हो चुका है।
अब कुठेड़ा-चलोखर-री-बनाल सड़क निर्माण कार्य की दोबारा वित्तीय निविदा खुलेगी। उधर, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी ने कहा कि कुठेड़ा-चलोखर-री-बनाल सड़क निर्माण कार्य का पुराना टेंडर रद्द कर दिया गया है। संबंधित ठेकेदार को पेनल्टी भी लगाई गई है। अब नए सिरे से टेंडर अवार्ड किया जा रहा है।