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कृषि विभाग की टीम ने बिझड़ी के खेतों में जाकर गेहूं की फसल जांची

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बिझड़ी में खेतों में जाकर गेहूं की फसल का निरीक्षण करते कृषि विभाग के अधिकारी। - फोटो : Hamirpur-HP
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बिझड़ी (हमीरपुर)। अत्यधिक बारिश से गेहूं की फसल को हुए नुकसान का कृषि विभाग की टीम ने मंगलवार को खेतों में जाकर निरीक्षण किया। विशेषज्ञों की टीम ने फसल की जांच की। विभागीय टीम के अध्यक्ष डॉ. हेमराज ने बताया कि उन्होंने विभिन्न पंचायतों में जाकर खेतों का दौरा किया। जांच करके किसानों को बताया कि फसल को जो रोग लगा है, वह बारिश के कारण बहुत अधिक नमी से है, लेकिन यह पीला रतुआ नहीं है।
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पीला रतुआ गेहूं की फसल का एक प्रमुख रोग है, परंतु बिझड़ी में खेतों में यह रोग नहीं है। ‘अमर उजाला’ ने 7 फरवरी के अंक में किसानों की फसल से संबंधित मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद कृषि विभाग की टीम जायजा लेने खेतों में पहुंची। डॉ. हेमराज ने बताया कि पीला रतुआ के लक्षण तब होते हैं जब गेहूं की फसल की पत्तियां पूरी तरह पीली होती हैं और लोग खेतों में घूमने जाते हैं तो यह कपड़ों को पीला कर देती है।
जबकि, इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं है और कृषि विभाग की टीम की ओर से किसानों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। इससे बचने के उपाय, सावधानियां, दवाइयां भी किसानों को दी जा रही हैं। कृषि विभाग की टीम ने इलाके के किसानों से आग्रह किया है कि पीला रतुआ रोग के लक्षण लगे तो तुरंत कृषि विभाग से संपर्क करें, ताकि होने वाले नुकसान से फसल को बचाया जा सके। इसके लिए दवाई उपलब्ध है।
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