नादौन (हमीरपुर)। भाषा एवं संस्कृति विभाग द्वारा बुधवार को यशपाल साहित्य सदन नादौन में महान क्रांतिकारी पंडित इंद्रपाल की जयंती और स्वतंत्रता सेनानी एवं मशहूर शायर डीडी गुलजार की जयंती की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रथम स्तर की अध्यक्षता शिक्षाविद एवं यशपाल साहित्य परिषद के अध्यक्ष डॉ. रतन चंद शर्मा ने की। जिला भाषा अधिकारी निक्कू राम ने उन्हें शॉल और टोपी भेंट करके सम्मानित किया।
शर्मा ने पंडित इंद्रपाल और डीडी गुलजार के जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने पंडित इंद्रपाल और डीडी गुलजार के संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि नादौन शहर निवासी दोनों विभूतियों सहित यशपाल, बीडी गुलशन, जगन्नाथ कमाल और नगाइया मल जैन आदि कई लोगों ने नादौन की इस पवित्र धरती को अमर कर दिया। वरिष्ठ लेखक एवं साहित्यकार रतन चंद रत्नाकर ने पंडित इंद्रपाल से संबंधित एक प्रेम प्रसंग और उनके जीवन के कुछ अनछुए पहलुओं को पर चर्चा की। उन्होंने डीडी गुलजार की एक उर्दू गजल पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नादौन की धरती ने कई विभूतियां समाज को दी है, जिन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
मंच संचालक मनीष तन्हा ने शायर डीडी गुलजार के केई शेयर पढ़कर सुनाएं। इसके अतिरिक्त इस लेखक गोष्टी में होशियार सिंह ने इनसान सच नहीं बोल पा रहा और आईना झूठ नहीं बोल पा रहा, सुशील गौतम भीड़ से हटकर, केसर सिंह ने मौत किसी को नहीं छोड़ती, रितिक पठानिया ने पुलवामा शहीदों पर, मनोहर लाल ने वर्तमान हालात पर तथा मीनाक्षी ने देशभक्ति पर रचनाएं पढ़ी। इस दौरान दिलीप सिंह की पुस्तक हमीरपुर री गूंज का विमोचन किया गया। सरस्वती कला मंच बिझड़ी की राठौर बहनों विमला और संजू ने प्रदेश के क्रांतिकारियों पर गीत सुनाए। केसर सिंह पटियाल ने अपने अंदाज में कविता पढ़ी। कार्यक्रम के अंत में जिला भाषा अधिकारी निक्कू राम ने विभाग की ओर से सबका धन्यवाद किया। इस अवसर पर शिव कुमार डोगरा, विवेक शर्मा, निशांत शर्मा और डॉ. पंकज राणा सहित अन्य उपस्थित रहे।