हमीरपुर। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर में पंचकर्मा पद्धति से मरीजों के जटिल रोगों का इलाज किया जा रहा है। अस्पताल में रोजाना एक दर्जन के करीब मरीजों का इलाज पंचकर्मा पद्धति से किया जा रहा है।
पंचकर्मा एक आयुर्वेद की खास चिकित्सा विधि है। जिसका एलोपैथी की तुलना में कोई दुष्प्रभाव नहीं है जबकि एलोपैथी दवाइयों के सेवन से कई बार दुष्प्रभाव की संभावना रहती है। वहीं, पंचकर्मा सस्ती और असरदार इलाज पद्धति मानी जाती है। जिला आयुष अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों के प्राय: गठिया, लकवा, पेट से जुड़े रोग, साइनस, माइग्रेन, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, साइटिका, बीपी, डायबीटीज, लिवर संबंधी विकार, जोड़ों का दर्द, आंख और आंत की बीमारियों, अधरंग और ग्रीभा आदि का इलाज किया जा रहा है।
70 लोग तीन माह में करवा चुके इलाज
जिले में इस साल करीब तीन माह में 70 से अधिक लोग पंचकर्मा का लाभ उठा चुके हैं। लोग एलोपैथिक दवाइयों को खाने से गुरेज करते हैं। ऐसे में जिन मरीजों को एलोपैथिक दवाइयां असर नहीं कर रहीं हैं, वे पंचकर्मा पद्धति के द्वारा अपना इलाज करवा रहे हैं।
जिले में बड़ी संख्या में मरीजों का पंचकर्मा पद्धति से इलाज किया जा रहा है। इससे काफी लोगों को पुरानी बीमारियों से निजात मिली है।
डॉ. गगन दीप, एमएस, आयुर्वेदिक अस्पताल हमीरपुर