हमीरपुर। सहकारी सेवाओं के विक्रेताओं की समस्याओं के बारे में प्रदेश डिपो संचालक समिति ने डिप्टी रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश डिपो संचालक समिति अध्यक्ष अशोक कवि की अगुवाई में डिप्टी रजिस्ट्रार सहकारिता विभाग से सदस्यों ने मुलाकात की। अशोक कवि ने कहा कि अधिकांश जिलों में सहकारी सभाओं की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते सभाओं की प्रबंधन समितियां सभाओं के विक्रेताओं का शोषण कर रही हैं। इन सहकारी सभाओं के विक्रेता खाद्य आपूर्ति निगम के गोदामों में अपना पैसा लगाकर राशन ला रहे हैं। सभाओं के पास अपना भवन न होने के कारण विक्रेताओं को राशन रखने के लिए दुकानें भी अपनी जेब से पैसा खर्च करके किराये पर लेनी पड़ रही हैं। डिपो के लाइसेंस के नवीनीकरण की फीस, बिजली का बिल, स्टेशनरी का खर्च व डिपो पर लगी पॉश मशीनों को चलाने के लिए नेट का खर्च भी विक्रेता अपनी जेब से अदा कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जिन सहकारी सभाओं के पास राशन खरीदने के लिए न तो पैसा है और न ही राशन रखने के लिए अपने भवन हैं। उन सहकारी सभाओं के विक्रेताओं को या तो निजी डिपो देने की सिफारिश की जाए या फिर ऐसी सभाओं की प्रबंधन समितियों को विक्रेताओं से राशन पर मिलने वाले कमीशन के आधे हिस्से की मांग न करने के आदेश जारी किए जाएं। इस दौरान प्रदेश डिपो संचालक समिति उपाध्यक्ष रमेश चंद, प्रदेश सह सचिव नवीन शर्मा आदि मौजूद रहे।