बड़सर (हमीरपुर)। कूड़े के निपटान को लेकर व्यापार मंडल बड़सर (मैहरे) ने अपने हाथ आगे बढ़ाते हुए नई पहल शुरू की है। व्यापार मंडल बड़सर के प्रतिनिधियों व व्यापारियों ने सहयोग देते हुए इस व्यवस्था को लागू कर अन्य लोगों के लिए भी मिसाल पेश की है। बड़सर बाजार से निकलने वाले कूड़े को व्यापारियों ने ऊना भेजना शुरू कर दिया है। इसके लिए सफाई व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए दो सफाई कर्मचारी भी नियुक्त किए हैं।
व्यापार मंडल के तहत प्रतिदिन दो टन सूखा व गीला कचरा निकलता है। ऐसे में इसके निपटान को लेकर बहुत अधिक समस्या थी। व्यापार मंडल ने पंचायत के साथ मिलकर पहले लठियानी में अस्थायी रूप से कूड़ा निपटान करने के लिए व्यवस्था बनाई थी लेकिन बरसात के मौसम में अस्थायी ढांचा गिर जाने के कारण विफल हो गई। इसके बाद व्यापार मंडल ने अपने स्तर पर कूड़े के निपटान की व्यवस्था बनाने का फैसला लिया। व्यापार मंडल ने ऊना में कूड़ा एकत्रित करने वाली कंपनी से संपर्क किया। इसके बाद सप्ताह में तीन से चार दिन कचरा उठाया जा रहा है।
सफाई व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रतिमाह 60 से 70 हजार रुपये खर्च किया जा रहा है। व्यापार मंडल व्यापारियों से 100 से लेकर 200 रुपये प्रतिमाह गारबेज शुल्क वसूल रहा है। यदि इसके बाद खर्च राशि अधिक होती है तो उसे व्यापार मंडल के पदाधिकारी अपने स्तर पर पूरा करते हैं। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की मानें तो कूड़ा ले जाने के लिए कंपनी को करीब 40 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों को 20 हजार रुपये का भुगतान किया जाता है जबकि जरूरत के अनुसार अन्य सामान की खरीद फरोख्त की जाती है। व्यापार मंडल के तहत करीब 220 दुकानें हैं तथा यहां पर सब्जी, किराना और अन्य व्यापार के माध्यम से आजीविका कमा रहे हैं।
व्यापार मंडल बड़सर (मैहरे) के तहत व्यापार मंडल ने अपने स्तर पर कूड़ा निपटान की व्यवस्था बनाई है। व्यापारी अपने स्तर पर कूड़े को ऊना भेज रहे हैं। इसमें करीब 60 से 70 हजार रुपये प्रतिमाह खर्च आता है। इसे सभी व्यापारी मिलजुलकर खर्च कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में दो सफाई कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं।
-सतीश राठौर, उपप्रधान, व्यापार मंडल बड़सर (मैहरे)