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गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए शिक्षकों ने स्वयं जमा किया फंड

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जौड़े अंब स्कूल की आधुनिक लाइब्रेरी में पढ़ाई करते विद्यार्थी। - फोटो : Hamirpur-HP
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बड़सर (हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जौड़े अंब के अध्यापकों ने गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी तरफ से फंड जमा करने की शुरुआत कर मिसाल पेश की है। प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह और उपप्रधानाचार्य नरदेव राणा की पहल पर सभी अध्यापकों ने आपसी सहयोग कर करीब साठ हजार रुपये की एफडी जरूरतमंद बच्चों के नाम पर शुरू की है। इस राशि से हर वर्ष स्कूल में दाखिल होने वाले गरीब बच्चों की पढ़ाई में सहायता की जाएगी। वर्तमान में स्कूल के ऐसे दस विद्यार्थियों की सूची बनाई गई है, जिनकी सहायता इस साल इस राशि से की जाएगी। वहीं, जमा राशि को इस वर्ष के अंत तक दो लाख रुपये तक करना अध्यापकों ने लक्ष्य रखा है।
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पाठशाला के प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह और उपप्रधानाचार्य नरदेव राणा ने कहा कि विद्यार्थियों के नाम एक फिक्स डिपोजिट शुरू किया है। स्कूल में ऐसे कई छात्र हैं जो गरीब परिवारों से संबंधित हैं और उन्हें फीस देने, किताबें व अन्य सामान खरीदने के लिए आर्थिक दिक्कत का सामना करना पड़ता है। ऐसे बच्चों की सहायता इस जमा राशि से की जाएगी। आने वाले समय में इस फंड से स्कूल में पढ़ने वाले गरीब बच्चों की फीस और किताबों का खर्च उठाया जाएगा।
स्कूल में स्थापित है आधुनिक कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी
बड़सर (हमीरपुर)। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जौड़े अंब में निजी स्कूलों की तर्ज पर विकास हुआ है। प्रबंधन ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर फंड जुटाकर स्कूल में काफी बदलाव किए हैं। स्थानीय निवासी रहे एक एनआरआई ने यहां 55 लाख रुपये खर्च कर एक आधुनिक कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी बनवाई है। इसमें करीब 32 कंप्यूटर और तीन हजार किताबें हैं। कंप्यूटर लैब में एक प्रोजेक्टर स्क्रीन भी लगी है। इसी के साथ स्कूल में जिम, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस आदि खेलने के लिए भी उचित व्यवस्था की गई है। प्रधानाचार्य देवेंद्र सिंह ने बताया कि करीब पांच साल पहले जब वे इस पाठशाला में आए तो स्कूल को बेहतर करने का ख्याल उनके दिल में आया। 2016 में उन्होंने स्कूल के एक कमरे को आधुनिक रूप से विकसित किया। इसके बाद सरकारी बजट और लोगों के सहयोग से स्कूल का विकास किया गया है। स्कूल में मिल रही सुविधाओं के चलते इस साल विद्यार्थियों की संख्या में भी सात फीसदी इजाफा हुआ है। पिछले साल 328 विद्यार्थियों के मुकाबले इस साल विद्यार्थियों की संख्या 340 हो गई है।
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