फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हमीरपुर जिले के प्राइमरी और मिडल स्कूलों में विद्यार्थी लौटे

विज्ञापन
राजकीय प्राथमिक पाठशाला मटाहनी में बच्चों के हाथ सैनिटाइज करवाते अध्यापक। - फोटो : Hamirpur-HP
विज्ञापन
हमीरपुर। स्थान : राजकीय केंद्रीय आदर्श प्राथमिक पाठशाला हमीरपुर। सोमवार सुबह के 8:45 बजे हैं। छोटे बच्चों का स्कूल पहुंचना शुरू हो गया है। बच्चों में पहली बार स्कूल आने का उत्साह है। बच्चों को अभिभावक छोड़ने आए हैं। स्कूल गेट पर अभिभावकों और बच्चों की हैंड सैनिटाइजेशन और थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है।
विज्ञापन

नौ बज रहे हैं। सभी बच्चे स्कूल पहुंच चुके हैं। अभिभावक बच्चों को छोड़कर घर लौट चुके हैं। पहली और दूसरी कक्षा के बच्चे पहली बार ही स्कूल आए हैं। पहले दिन परिचय और कोरोना से बचाव के बारे में बच्चों का बताया जा रहा है। अध्यापक बच्चों को लाइन में खड़ा कर रही हैं। साढ़े नौ बज गए हैं। स्कूल मुखिया नीलम बच्चों को कक्षाओं में जाकर कोविड से बचाव के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही हैं। अध्यापक सामाजिक दूरी बनाकर बच्चे बैठें यह सुनिश्चित कर रहे हैं।
स्कूल में सोमवार को पहली, दूसरी और पांचवीं के बच्चों को ही बुलाया गया। 11 बजे हैं। सभी अध्यापक अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ा रहे हैं। 12 बजे पहली के विद्यार्थियों को दूर-दूर बिठाकर दोपहर का भोजन खिलाया जा रहा है। 12:30 बजे से दूसरी और कक्षा पांचवीं के विद्यार्थियों को भोजन करवाया जा रहा है। एक बजे तक सभी विद्यार्थियों का भोजन करवा लिया गया। अब दोबारा से अध्यापक बच्चों को पढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन

सवा दो बजे तक बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंचना शुरू हो गए हैं। अभिभावक अध्यापकों से बच्चों की दिन भर की गतिविधियों की जानकारी ले रहे हैं कि बच्चों का व्यवहार स्कूल के पहले दिन कैसा रहा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक संजय ठाकुर ने कहा कि पहली में 56.27, दूसरी में 63.23, तीसरी में 65.14, चौथी में 71.96, पांचवीं में 72.69, छठी में 77.66, सातवीं में 77.35, आठवीं में 63.51 फीसदी विद्यार्थी स्कूल आए।
क्या कहते हैं अभिभावक-
2:30 बजे पहुंची अभिभावक सुनीता ने कहा कि उनका बच्चा पहली में पढ़ता है। बच्चे का स्कूल में पहला दिन था इसलिए उसे स्कूल छोड़ने और स्कूल से लाने आई हैं।
2:34 बजे स्कूल पहुंची नीरजा ने कहा कि बच्चे पहली बार स्कूल गए हैं। इसलिए उन्हें अभी आने-जाने की समझ नहीं है। इसलिए स्वयं स्कूल आई हैं।
2:47 बजे स्कूल पहुंची अभिभावक नीतू ने कहा कि बच्चे स्कूल जाने के लिए काफी उत्साहित हैं। बच्चे नए बच्चों से मिलेंगे तभी नया सीखेगें।
तीन बजे पहुंचे अरुण ठाकुर ने कहा कि बच्चों के भविष्य के लिए स्कूल खोलना सराहनीय निर्णय है। इससे अब बच्चों का सही रूप से विकास होगा।
राजकीय प्राथमिक पाठशाला मटाहनी में में सभी नियमों और दिशा निर्देशों का पालन किया गया। स्कूल मुखिया जोगिंद्र ने कहा कि स्कूल में सभी नियमों का पालन किया गया।
क्या कहते हैं मटाहनी स्कूल के अभिभावक।
अभिभावक किरण बाला ने कहा कि बच्चों को स्कूल में ही सही शिक्षा मिलती है। बच्चे दूसरे बच्चों के साथ कैसे व्यवहार करना है यह सीखते हैं।
अभिभावक किरण ज्योति ने कहा कि बेहतर भविष्य के लिए स्कूल जाना ही पड़ता है। स्कूलों में बच्चों का सुनहरा भविष्य बनता है।
अभिभावक आशा देवी ने कहा कि बच्चों में स्कूल जाने का काफी उत्साह है। पहले बच्चे स्कूल जाने पर रोते थे लेकिन अब बच्चे अपनी खुशी से स्कूल जा रहे हैं।

राजकीय प्राथमिक पाठशाला मटाहनी में बच्चों को पढ़ाते अध्यापक।- फोटो : Hamirpur-HP

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें