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हड़ताल के कारण खड़ी बसों की मरम्मत शुरू, 35 रूटों पर बहाल होंगी यह बसें

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एचआरटीसी वर्कशॉप हमीरपुर में बसों की मरम्मत करता पीसमील कर्मचारी। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। स्थान: एचआरटीसी वर्कशॉप हमीरपुर, रविवार दोपहर के 12 बजकर 20 मिनट हुए हैं। वर्कशॉप में पीस मील कर्मचारी खराब बसों की मरम्मत में जुटे हैं। हड़ताल सै लौटने के बाद रविवार को ही पीस मील कर्मचारियों ने टूल किट हाथों में लेकर बसों की मरम्मत शुरू कर दी है। इस दौरान एचआरटीसी वर्कशॉप में आठ ऐसी बसें खड़ी हैं, जिनमें गंभीर खराबी है और हड़ताल के कारण इनकी मरम्मत नहीं हो पाई। हालांकि ऐसी बसों की संख्या अधिक थी, लेकिन कुछ को स्थायी कर्मचारियों ने दुरुस्त कर दिया है, जबकि यह आठ यहां खड़ी हैं। एचआरटीसी हमीरपुर के करीब 35 रूट बसों की मरम्मत न होने के कारण बंद हुए हैं।
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निगम प्रबंधन ने बसों की मरम्मत शुरू करवा दी है। दो से तीन दिन में बसों की मरम्मत व टायरों की किल्लत खत्म हो जाएगी। इसके बाद से बंद हुए यह 35 रूट बहाल हो जाएंगे। एचआरटीसी डिपो हमीरपुर में करीब 30 स्थायी कर्मचारी ओर 39 पीस मील कर्मचारी तैनात हैं। उधर, अमर उजाला की टीम ने 1:35 बजे जब बस अड्डा हमीरपुर में जाकर स्थिति का जायजा लिया तो यहां लोग बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बस अड्डे में सरकारी बसों से ज्यादा निजी बसें खड़ी हैं। लोकल रूटों पर जाने के लिए लोगों को बसें नहीं मिल रही हैं। पता करने पर बताया गया कि छुट्टी के कारण अधिकतर लोकल रूटों पर बसें बंद रहीं। महज अंतरराज्यीय और अंतर जिला रूटों के अलावा दर्जनभर जरूरी लोकल रूटों पर ही बसें भेजी गईं। रविवार को छुट्टी के चलते निगम प्रबंधन ने 130 में से महज 48 रूटों पर बसें भेजीं।
इस संबंध में एचआरटीसी हमीरपुर डिपो के डीडीएम विवेक लखनपाल ने कहा कि पीस मील कर्मचारी काम पर लौट आए हैं। बसें ठीक होते ही दो-तीन दिन में प्रभावित हुए 35 रूटों को बहाल कर दिया जाएगा।
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