हमीरपुर। खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा उचित मूल्य की दुकानों पर लगाई गई पीओएस मशीनों में बार-बार ओटीपी फेल होने से उपभोक्ताओं तथा डिपो सचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वीरवार को हमीरपुर स्थित उचित मूल्य की दुकान में राशन लेने पहुंचे उपभोक्ता काफी देर तक ओटीपी के चक्कर में वहीं बैठे रहे। समस्या का समाधान न होने पर मायूस होकर उन्हें घर लौटना पड़ा।
विभाग ने कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए पीओएस मशीनों में बायोमेट्रिक प्रणाली के साथ ओटीपी का विकल्प रखा है जो उपभोक्ता बायोमिट्रिक प्रणाली से राशन नहीं लेना चाहते वह ओटीपी के माध्यम से अपना राशन डिपुओं से प्राप्त कर सकते हैं। पिछले तीन चार दिनों से पीओएस मशीनों में ओटीपी बार-बार प्रयास करने पर फेल होने के कारण उपभोक्ताओं को डिपुओं के चक्कर लगाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
डिपो संचालक समिति के प्रदेश अध्यक्ष अशोक कवि ने कहा कि जो पीओएस मशीनें विभाग ने डिपो संचालकों को दी हैं, उनमें डाली गई सभी सिम पिछले लंबे अरसे से बंद पड़ी हैं। ऐसी स्थित में प्रदेश के डिपो संचालक अपने मोबाइल के हॉट स्पॉट से मशीनों को कनेक्ट करके उपभोक्ताओं को राशन वितरण का कार्य कर रहे हैं। मशीनों में कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाना विभाग का काम है।
बिना कनेक्टिविटी से पीओएस मशीन से बायोमिट्रिक प्रणाली से उपभोक्ताओं को राशन देना तो दूर की बात है, यह मशीन ऑन ही नहीं हो सकती। विभाग अपनी इस कमी को दूर करने के बजाय डिपो धारकों पर 100 फीसदी बायोमिट्रिक प्रणाली से राशन वितरित करने का दबाव बना रहा है। अशोक कवि ने सरकार व विभाग से गुहार लगाई कि डिपो संचालकों की समस्या को ध्यान में रखते हुए शीघ्र मशीनों में कनेक्टिविटी बहाल की जाए। डिपो संचालकों के साथ प्रदेश के करीब 19 लाख 22 हजार उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सके।
तो राशन उठाना कर देंगे बंद
अशोक कवि ने सरकार को आगाह किया कि सरकार ने पीओएस मशीनों में कनेक्टिविटी बहाल नहीं की और डिपो संचालकों के लिए स्थायी नीति की शीघ्र घोषणा करके अधिसूचना जारी नहीं की तो डिपो संचालक भविष्य में निगम के गोदामों से राशन उठाना बंद कर देंगे। इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार और विभाग की होगी।