फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hamirpur (Himachal) News: निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की जद में आए स्कूलों को नहीं मिला भवन

विज्ञापन
विज्ञापन
अढ़ाई वर्ष बाद भी निजी स्कूल भवन के लिए भटक रहे शिक्षक
विज्ञापन

दो कमरों में पढ़ाई करने को मजबूर प्राथमिक, माध्यमिक पाठशाला बन्ह के विद्यार्थी
अढ़ाई वर्ष पूर्व दोनों स्कूलों को अस्थायी तौर पर रंगस स्कूल में किया गया था शिफ्ट
वर्तमान में दो कमरों में पढ़ाई कर रहे 55 विद्यार्थी, परीक्षाओं में एक साथ बैठने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। शिक्षा खंड गलोड़ के अंतर्गत अढ़ाई वर्ष बाद भी बन्ह स्कूल के शिक्षक भवन निर्माण कार्य के लिए भटकने को मजबूर हैं। फाइल के स्वीकार न होने से स्कूल भवन का निर्माण कार्य अधर में रुका हुआ है। इससे विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तीन वर्ष पूर्व विस क्षेत्र नादौन के जोलसप्पड़ स्थित निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की जद में आए राजकीय प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक पाठशाला बन्ह को शिक्षा विभाग की ओर से अस्थायी तौर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रंगस में शिफ्ट किया था ताकि स्कूल के लिए नए भवन का निर्माण कार्य करवाया जा सके। लेकिन, विभागीय लापरवाही के चलते स्कूल भवन का कार्य फाइलों में ही घूम रहा है। वर्तमान में प्राथमिक विंग के दोनों स्कूलों के 205 विद्यार्थी छह कमरों में पढ़ाई कर रहे हैं। रंगस प्राथमिक स्कूल की ओर एक कमरा दिया गया है। ऐसे में उचित भवन व्यवस्था न होने विद्यार्थियों को परीक्षाओं में बैठने और अन्य गतिविधियों का आयोजन करने में परेशानी हो रही है। वहीं, माध्यमिक विंग में 45 के करीब विद्यार्थी रंगस स्कूल के विद्यार्थियों के साथ कक्षाएं लगा रहे हैं। विद्यार्थियों के अभिभावकों पूनम, माया देवी, राकेश कुमार, रमा देवी, प्रताप सिंह आदि ने कहा कि 29 जनवरी 2021 को स्कूल को अस्थायी तौर पर रंगस स्कूल में चलाने के निर्देश जारी हुए थे। लेकिन, अढ़ाई वर्ष बाद भी विभाग की ओर से स्कूल भवन निर्माण कार्य को लेकर कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसका खामियाजा स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूल भवन को कब्जे में लेने से पूर्व शिक्षा विभाग के पास स्कूल भवन निर्माण कार्य के लिए 35 लाख रुपये की बजट राशि जमा करवा दी है ताकि दोनों स्कूलों के भवन का निर्माण करवाया जा सके। इसी दौरान शिक्षा विभाग की ओर से भवन निर्माण के लिए 3.50 कनाल भूमि का चयन भी कर लिया गया था लेकिन स्कूल भवन निर्माण को लेकर लगातार देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्कूल भवन निर्माण कार्य न होने से विद्यार्थियों को रंगस तक पहुंचने के लिए प्रतिदिन दो किलोमीटर दूरी तय करनी पड़ती है। स्कूल में उचित भवन व्यवस्था न होने से प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के विद्यार्थियों को एक डेस्क पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

कोट्स
स्कूल भवन निर्माण के लिए भूमि संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी ताकि स्कूल भवन निर्माण कार्य शुरू हो सके। स्कूल में विद्यार्थियों को सुचारू रूप से पढ़ाई करवाई जा रही है।
विज्ञापन

सुभाष चंद, खंड शिक्षा अधिकारी गलोड़।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें