हमीरपुर। जिलेभर के सरकारी स्कूलों में प्रभारियों को 31 मार्च से पूर्व विभिन्न कार्यों के लिए जारी बजट राशि को खर्च करना होगा। निर्धारित समय सीमा में बजट खर्च न करने पर प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे, जिसमें उन्हें लिखित में बजट खर्च न करने का कारण स्पष्ट करना होगा।
उच्च शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के समापन से पूर्व स्कूल प्रभारियों को बजट खर्च करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि स्कूलों में निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जा सके और बजट लैप्स होने से बचाया जा सके।
बीते वर्ष बरसात के दौरान हुए नुकसान के चलते विभाग की ओर से स्कूलों को आपदा प्रबंधन, विकास कार्यों एवं अन्य माध्यमों के तहत लाखों रुपये की बजट राशि जारी की है, ताकि स्कूलों में विकास कार्यों को पूर्ण करवाया जा सके, लेकिन अधिकांश स्कूलों में अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुए हैं।
ऐसे में विभाग ने स्कूल प्रभारियों को निर्देशों के साथ वर्षभर खर्च की गई राशि की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उपनिदेशक कार्यालय में सबमिट करने के लिए लिखा है। प्रभारियों को रिपोर्ट में स्कूल परिसर में करवाए कार्यों का पूरा ब्योरा, व्यय, माध्यम का उल्लेख करना होगा।
31 मार्च तक जारी राशि खर्च न करने पर वह लैप्स मानी जाएगी और संबंधित स्कूल प्रभारी इसके लिए जिम्मेदार होगा। रिपोर्ट के उपरांत स्कूलों को आगामी सत्र में बजट के लिए निदेशालय को पुराने बजट खर्च न कर पाने का कारण लिखित में स्पष्ट करना होगा।
कोट
जिलेभर के स्कूल प्रमुखों को निर्धारित समय पर बजट खर्च करने और वर्षभर हुए कार्यों की रिपोर्ट सब्मिट करने के निर्देश दिए हैं, ताकि बजट को लैप्स होने से पूर्व कार्यों पर खर्च किया जा सके।
-डॉ. एमआर चौहान, उपनिदेशक, उच्च शिक्षा विभाग हमीरपुर