अवाहदेवी (हमीरपुर)। कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच के घेरे में चल रही कृषि सहकारी सभा संगरोह में बकाया ऋण की रिकवरी और शेयरधारकों की जमा राशि के भुगतान को लेकर फिर सवाल उठे हैं।
31 मार्च 2022 तक सभा में 4.54 करोड़ रुपये के ऋण बकाया थे, जबकि कुल देनदारियां करीब आठ करोड़ रुपये तक पहुंच गई थीं। इसी अवधि में बैंक में सभा की एफडी करीब पांच करोड़ रुपये थी। सभा कमेटी का दावा है कि वर्ष 2022 के बाद सभा का ऑडिट नहीं हुआ है।
वर्ष 2015 से 2026 तक लंबित ऋण के 45 मामले रिकवरी के लिए सहकारिता विभाग को भेजे गए हैं, लेकिन इनकी वसूली नहीं हो पाई है। कई शेयरधारकों की एफडी और आरडी की मियाद पूरी हो चुकी है और उन्हें भुगतान किया जाना है।
सभा के प्रधान रमेश चंद ने कहा कि शेयरधारकों को भुगतान के लिए बकाया ऋण की रिकवरी जरूरी है। उन्होंने विभाग से ऋणधारकों से राशि की उगाही करने की मांग की है।
वहीं, सहकारिता विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभा की ओर से कुछ ऋण मामले विभाग के ध्यान में लाए गए थे, जिनमें कई ऋणधारकों के दस्तावेज पूरे नहीं थे। सभा में कथित फर्जी ऋण आवंटन और वित्तीय अनियमितताओं की जांच धारा 69(2) के तहत चल रही है।
विभागीय जांच में 10 बिंदुओं पर खामियां सामने आई थीं। 18 मार्च 2025 को जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद कमेटी को पूर्व सचिव के खिलाफ कार्रवाई और गबन और धोखाधड़ी के पहलुओं की पुलिस जांच के लिए शिकायत करने के निर्देश दिए गए थे।
मामले में विजिलेंस जांच भी चल रही है। भोरंज थाना में निवेशक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज है, जबकि चेक बाउंस के मामले अदालत और उपभोक्ता अदालत तक पहुंचे हैं।
कोट्स
वर्ष 2022 तक सभा का ऋण बकाया 4.54 करोड़ था। इस अवधि तक बैंक में पांच करोड़ की एफडी जमा थी, जबकि आठ करोड़ की देनदारी है। हालांकि वर्ष 2022 के बाद सभा का ऑडिट ही नहीं हुआ है। किसी भी तरह का गबन साबित नहीं हुआ है। विभाग जल्द ऋण की रिकवरी करवाए, ताकि देनदारियां पूरी की जा सकें।
-किशोरी लाल, पूर्व सचिव, कृषि सहकारी सभा संगरोह
45 मामलों की जानकारी नहीं है। सभा लिखकर जानकारी भेजे तो विभाग नियमों के तहत कार्रवाई करेगा। पहले भेजे गए कुछ ऋणधारकों के मामलों में दस्तावेज अधूरे थे, वह सभा से मांगे गए हैं।
-रवि कुमार, सहायक पंजीयक, सहकारिता विभाग हमीरपुर