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दियोटसिद्ध मेले शुरू होने में तीन दिन शेष

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 14 मार्च से लेकर 13 अप्रैल तक चैत्र मास के मेलों का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर न्यास और प्रशासन दावा करता है कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन सुविधाएं प्रदान की जाती हैं। लेकिन जमीनी हकीकत क्या है इसे सड़कों की हालत देखकर कहा जा सकता है।
दियोटसिद्ध पहुंचने वाले श्रद्धालु ज्यादातर दो रूटों से वहां पहुंचते हैं। पहला रूट बड़सर से शाहतलाई और दूसरा सलोनी बिझड़ी चकमोह से होकर गुजरता है लेकिन इन दोनों मुख्य मार्गों की हालत काफी खराब है। सलोनी से दियोटसिद्ध सड़क मार्ग पर कहीं डंगे गिरे हुए हैं तो कहीं दोनों तरफ से अतिक्रमण के चलते सड़क मार्ग अति संकरा हो चुका है।
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बिझड़ी से पीछे किया गया पैच वर्क और टारिंग अभी तक आधी अधूरी ही है। कोटला के पास भी सड़क मार्ग की हालत खस्ता है। सबसे बुरा हाल दियोटसिद्ध से तलाई को जोडने वाले सड़क मार्ग का है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़े हुए हैं।
हैरानी की बात यह है कि सड़कों की ऐसी हालत तब है जबकि उपायुक्त हमीरपुर द्वारा बिलासपुर और हमीरपुर के अधिकारियों के सामने सड़क मार्गों को दुरुस्त करने की डेडलाइन 10 मार्च रखी थी। दियोटसिद्ध में व्यापार करने वाले सैकड़ों व्यापारी और स्थानीय लोगों के साथ श्रद्धालु भी प्रशासन के इस रवैये पर सवाल उठा रहे हैं।
लोगों का कहना है कि श्रद्धालु हर वर्ष लाखों करोड़ों की आमदनी चढ़ावे के रूप में मंदिर प्रशासन को सौंपते हैं। शायद प्रशासन उनको दी जाने वाली सुविधाओं पर आंखें मूंदे बैठा है। इनका कहना है कि संबंधित विभाग वह सरकार को दियोटसिद्ध से जोड़ने वाले तमाम सड़क मार्गों के सुधार के लिए तुरंत व्यापक कदम उठाने चाहिए।
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एसडीओ लोक निर्माण विभाग बड़सर विनोद कुमार ने कहा कि बड़सर से शाहतलाई सड़क मार्ग का काम चला हुआ है। बाकी अगर बिझड़ी से पीछे या कोटला में पैच वर्क की जरूरत है तो उसे मेलों से पहले करवा दिया जाएगा। बड़सर से शाहतलाई को जोड़ने वाला सड़क मार्ग बिलासपुर के अधीन पड़ता है।
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