हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से रखे गए 26 कर्मचारियों को चार माह से वेतन नहीं मिला है। वेतन के अभाव में कर्मचारियों को परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल हो गया है।
इससे कर्मचारी खासे परेशान हैं। इन कर्मचारियों को अब अपने परिवार की चिंता सताने लगी है। कर्मियों को लोगों से उधार मांगकर गुजारा करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में यह कर्मी लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का तर्क है कि प्रदेश सरकार से ग्रांट मिल गई है, जल्द ही वेतन जारी कर दिया जाएगा।
यह कर्मी डाटा एंट्री ऑपरेटर सहित स्पोर्टिंग स्टाफ के रूप में यह कार्य करते हैं। इन कर्मियों को इस साल के जनवरी माह का ही वेतन दिया गया है। उसके बाद लगातार चार माह से वेतन नहीं मिला है। इस कारण कर्मियों में निराशा है। हालांकि यह पहली बार नहीं है कि जब इन कर्मियों को वेतन समय पर नहीं मिला है। साल में तीन से चार बार ऐसी ही स्थिति बन जाती है। कर्मियों ने अस्पताल प्रबंधन से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द उन्हें वेतन उपलब्ध करवाया जाए।
आरकेएस के पास बजट की कमी अहम वजह
सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण समितिओं (आरकेएस) के माध्यम से आउटसोर्स कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पतालों में आय के साधन बेहद सीमित हैं। ऐसे में इन कर्मियों के वेतन के लिए हर बार सरकार की ओर से ग्रांट जारी की जाती है। इस ग्रांट के जारी होने में हर बार देरी होती है। आरकेएस को आर्थिंक रूप से मजबूत करने के लिए पर्ची के शुल्क और विभिन्न टेस्ट के शुल्क लागू करने का निर्णय सरकार की ओर से लिया गया था, लेकिन अभी तक यह अस्पतालों में लागू नहीं हो सका है।
कोट
रोगी कल्याण समिति के माध्यम से रखे गए कर्मियों के वेतन के लिए सरकार से बजट प्राप्त हुआ है। जल्द ही इन कर्मियों को वेतन जारी कर दिया जाएगा।
-डॉ रमेश भारती, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर