फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हेडमास्टर से प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में कटौती नामंजूर : संघ

विज्ञापन
Reduction in promotion quota from headmaster to principal rejected: Union
विज्ञापन
बड़सर (हमीरपुर)। प्रदेश में अब हेडमास्टर से प्रधानाचार्य पदोन्नति कोटे में दस फीसदी कटौती का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग ने फिर से पेश कर दिया है। यह मामला वर्ष 2018 में शुरू हुआ था जब प्रवक्ताओं को प्रधानाचार्य पदोन्नति के लिए कोटा 50 से बढ़ाकर 60 फीसदी करने की मांग प्रवक्ता संघ ने उठाई थी।
विज्ञापन

वर्ष 1992 में प्रवक्ता को 40 फीसदी और हेडमास्टर्स को प्रधानाचार्य पदोन्नति में 60 फीसदी कोटा मिलता था। जिसके पीछे मुख्य वजह हेडमास्टर पदों की कम संख्या, टीजीटी कैडर की बड़ी संख्या थी, लेकिन बाद में यह कोटा 50:50 किया गया। जिसके चलते टीजीटी की प्रमोशन प्रभावित हुई। वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री ने प्रवक्ता संघ की मांग अनुसार उनके लिए प्रधानाचार्य प्रमोशन कोटा 50 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का एलान किया तो शिक्षक संघों ने डटकर विरोध किया।
इसके चलते यह घोषणा लागू नहीं हुई, लेकिन उच्च शिक्षा विभाग ने अब यही कवायद शुरू कर दी है। जिसके खिलाफ प्रदेश के शिक्षक संघ पुरजोर विरोध कर रहे हैं। राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कौशल, महासचिव विजय हीर और समस्त जिला और राज्य कार्यकारिणी सदस्यों ने प्रदेश सरकार को इस बदलाव को वापस लेने की मांग की है। हीर ने बताया कि जिला बिलासपुर के 110 स्कूलों में 1045, चंबा के 149 स्कूलों में 1169, हमीरपुर के 95 स्कूलों में 1072, कांगड़ा के 347 स्कूलों में 3334, किन्नौर के 32 स्कूलों में 260, कुल्लू के 96 स्कूलों में 783, लाहौल-स्पीति के 28 स्कूलों में 209, मंडी के 302 स्कूलों में 2734, शिमला के 281 स्कूलों में 2357, सिरमौर के 157 स्कूलों में 1197, सोलन के 130 स्कूलों में 1148 व ऊना के 137 स्कूलों 1281 मिलाकर वर्तमान में 16589 प्रवक्ता तैनात हैं।
विज्ञापन

टीजीटी कैडर की संख्या देखें तो बिलासपुर में 907, चंबा में 1539 , हमीरपुर में 942, कांगड़ा में 2997, किन्नौर में 282, कुल्लू में 949, लाहौल स्पीति में 219, मंडी में 2537, शिमला में 2367, सिरमौर में 1427, सोलन में 1126 , ऊना में 1026 मिलाकर प्रदेश में कुल 16318 टीजीटी कार्यरत हैं। सूबे में 16589 प्रवक्ता, 16318 टीजीटी तो कोटा 50:50 ही रहना चाहिए। जेबीटी और सीएंडवी को भी टीजीटी पदोन्नति दी जाती है। दो दशक में सैकड़ों हाई स्कूल अपग्रेड होकर सीनियर सेकेंडरी बनाए जाने से हेडमास्टर के सैकड़ों पद समाप्त हुए हैं। ऐसे में हेडमास्टर के 933 पद ही शेष हैं। प्रधानाचार्य के 1868 पदों के लिए अगर हेडमास्टर में 50 फीसदी कोटा घटाया गया तो यह उनसे भी अन्याय होगा, क्योंकि हेडमास्टर्स के पदों की संख्या प्रधानाचार्य पदों का 50 फीसदी है।
संघ ने कहा कि पदोन्नति कोटे से छेड़छाड़ होने पर 20 हजार से अधिक शिक्षक नाराज होंगे और ऐसे में उपप्रधानाचार्य और मिडल स्कूल हेडमास्टर्स के पद सृजित करने चाहिए, जिन पर पदोन्नति के अवसर प्रवक्ता और टीजीटी को दिए जा सकेंगे। संघ के अनुसार किसी भी वर्ग के लिए प्रमोशन के अवसर घटाने की बजाए नए अवसर सृजित करने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें