सुजानपुर (हमीरपुर)। स्थानीय सिविल अस्पताल में छह सितंबर को प्रस्तावित निःशुल्क मेडिकल कैंप को अनुमति नहीं मिलने पर भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जरूरतमंदों के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाना भी क्या अब अपराध हो गया है। राणा ने आरोप लगाया कि सरकार की तंग सोच के कारण जनसेवा के कार्यों में भी अड़चन डाली जा रही है।
राणा ने कहा कि सर्व कल्याणकारी ट्रस्ट ने शिविर के लिए 20 जुलाई को आवेदन किया था। इसमें पीजीआई चंडीगढ़ समेत बड़े चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को बुलाया जाना था। मरीजों की जांच, परीक्षण और दवाइयां निशुल्क उपलब्ध करवाने की योजना थी।
उन्होंने बताया कि संस्था प्रदेश में अब तक 50 से अधिक ऐसे शिविर लगा चुकी है और सुजानपुर अस्पताल में भी अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में 15 से अधिक शिविर आयोजित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि इस बार स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में विकास कार्य का हवाला देकर अनुमति देने से इन्कार किया है, जबकि उनके अनुसार जिस भवन में शिविर प्रस्तावित था, वहां कोई काम नहीं चल रहा है। राणा ने आरोप लगाया कि अनुमति रोकने का फैसला स्थानीय विधायक के निर्देश पर लिया गया।
राणा ने कहा कि ऐसे शिविर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर परिवार के लिए पीजीआई या बड़े अस्पताल जाना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बीमारी किसी पार्टी की नहीं होती, इसलिए इलाज भी पार्टी देखकर नहीं होना चाहिए।