हमीरपुर। शनिवार रात और रविवार सुबह हुई तेज बारिश ने जिले में जनजीवन प्रभावित करने के साथ पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को भी झटका दिया है। बारिश के बाद पेयजल स्रोतों में गाद और मटमैला पानी आने से जल शक्ति विभाग की करीब 30 पेयजल योजनाएं ठप हो गई हैं।
इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है। कई इलाकों में लोगों को एक दिन छोड़कर पानी मिल रहा है। जिले में जल शक्ति विभाग की करीब 191 पेयजल योजनाएं संचालित हैं, जिनमें से लगभग 30 अभी प्रभावित हैं।
कई स्रोतों में पानी की गुणवत्ता खराब होने के कारण कई स्थानों पर पानी लिफ्ट करना मुश्किल हो गया है। वहीं, लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग अत्यधिक मटमैले या दूषित पानी की आपूर्ति करने से भी बच रहा है।
जल शक्ति विभाग के नादौन मंडल में प्रभावित योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल करने का काम शुरू कर दिया गया है। जोलसप्पड़ पेयजल योजना को बहाल कर दिया गया है, जबकि रैल और कमलाह पेयजल योजनाओं को सुचारु करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रयास जारी हैं।
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मटमैले पानी ने बढ़ाई पंपिंग की दिक्कत
बारिश के बाद जल स्रोतों में मिट्टी और गाद की मात्रा बढ़ने से विभाग को पानी की पंपिंग और लिफ्टिंग में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई पेयजल योजनाओं में स्रोत का पानी सामान्य स्थिति में आने तक आपूर्ति रोकनी पड़ रही है। कई क्षेत्रों में लोगों को नियमित रूप से पानी नहीं मिल रहा है। कुछ स्थानों पर दूसरे दिन आपूर्ति होने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। खाना बनाने, कपड़े धोने, पशुओं के लिए पानी और अन्य घरेलू जरूरतों के लिए लोगों को अतिरिक्त पानी जुटाना पड़ रहा है।
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बारिश थमने और पेयजल स्रोतों में मटमैलेपन की स्थिति कम होने के साथ ही प्रभावित योजनाओं को बहाल किया जा रहा है। जल शक्ति विभाग की टीमें स्रोतों की निगरानी कर रही हैं।
-नीरज, एसई, जल शक्ति विभाग हमीरपुर