ग्राम पंचायत डिडवीं टिक्कर के ग्रामीण डीसी हमीरपुर अमरजीत सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए। संवाद। ग
हमीरपुर। टिक्कर डिडवीं के ग्रामीणों ने पंचायत को जिला परिषद वार्ड नंबर-पांच जंगल रोपा में करने का कड़ा विरोध किया है। सोमवार को ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त हमीरपुर अमरजीत सिंह से मिला और उन्हें मांग पत्र सौंपते हुए टिक्कर डिडवीं और धरोग पंचायतों को ताल वार्ड में शामिल करने की मांग की।
ग्रामीण बलदेव धीमान, रेखा कुमारी, जगदीश चंद सहित अन्य लोगों ने कहा कि यह फैसला भौगोलिक स्थिति और तार्किक आधार से मेल नहीं खाता। ग्रामीणों ने बताया कि उपायुक्त द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जिले की पांच विधानसभा क्षेत्रों की 234 ग्राम पंचायतों को 18 जिला परिषद वार्डों में बांटा गया है।
इसमें टिक्कर डिडवीं पंचायत को जंगल रोपा वार्ड में अन्य 14 पंचायतों के साथ शामिल किया गया है। डिडवीं टिक्कर की भौगोलिक सीमा कहीं भी जंगल रोपा पंचायत से नहीं मिलती। इसके बावजूद गसोता, धरोग और डिडवीं टिक्कर पंचायतों को जंगल रोपा वार्ड में डाला गया है। ग्रामीणों ने कहा कि हमीरपुर विधानसभा क्षेत्र की 33 पंचायतों को केवल दो वार्डों में बांटा गया है, जबकि अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों की 201 पंचायतों को चार-चार वार्डों में विभाजित किया गया है।
उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार ऊटपुर वार्ड केवल 12 पंचायतों और 13,152 की जनसंख्या पर बनाया गया है, जबकि हमीरपुर क्षेत्र की 33 पंचायतों की कुल जनसंख्या 52,283 है। उनका कहना है कि भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हमीरपुर क्षेत्र में ताल, चमनेड और जंगल रोपा नाम से तीन जिला परिषद वार्ड बनाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि काले अंब स्वाहल को ताल वार्ड में शामिल किया गया है। ऐसे में समीपवर्ती गसोता, धरोग और डिडवीं टिक्कर पंचायतों को जंगल रोपा वार्ड में डालना अनुचित है। प्रतिनिधिमंडल की आपत्तियां सुनने के बाद उपायुक्त अमरजीत सिंह ने आश्वासन दिया कि मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।