दो माह में तीन प्रसव घरों पर ही हुए, दो बड़सर और एक मामला गलोड़ मंडल का
तीन मामलों में दो परिवार हैं प्रवासी, एक महिला स्थानीय
महिला ने मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में करवाया था चेकअप
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। जिले में स्वास्थ्य विभाग के अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित कराने के आदेशों पर सवाल उठने लगे हैं। जिले में अप्रैल और मई में कुल तीन प्रसव घरों पर ही हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार हर प्रसव अस्पताल में हो, इसकी सुनिश्चितता की जाती है ताकि बच्चा और प्रसुता दोनों ठीक रहें लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है। स्वास्थ्य खंड बड़सर में दो और स्वास्थ्य खंड गलोड़ में एक प्रसव घर पर हुआ है। स्वास्थ्य खंड गलोड़ में एक विशेष समुदाय के प्रवासी थे, जिन्हें कहने के बावजूद वे अस्पताल नहीं गए। बड़सर में एक और अन्य प्रवासी थे, उन्होंने भी प्रसव घर में करवाया।
एक मामला स्थानीय महिला है। महिला करीब 15 दिन पूर्व मेडिकल कॉलेज में अपनी जांच करवा कर गई थी। इसमें कहा गया था कि सब ठीक है लेकिन अगले ही दिन महिला ने घर में ही बच्चे को जन्म दे दिया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अस्पताल में यह किस तरह की जांच हो रही है। इसका खुलासा गत दिवस मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुई मासिक बैठक में हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि तीन प्रसव घर में हुए हैं। इस बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि हर गर्भवती महिला को आशा कार्यकर्ता स्वयं घर जाकर जांचती है। तीन प्रसव घर में हुए। प्रवासियों को इसके लिए जागरूक भी किया जा रहा है कि गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर अस्पताल में जांच हो। अन्य महिला का मामला भी ध्यान में है। उस महिला को बाद में अस्पताल में लाया गया और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई गईं।